इनारिज़ुशी: तिल बिखरे चावल के चारों ओर सुनहरी थैली
दाशी, चीनी, मिरिन और दो जापानी सोया सॉस में धीमी आँच पर पकाई गई अबुराएगे की पतली थैलियाँ, जिनमें भुना तिल मिलाया सुशी चावल भरा जाता है। दस पीस, बंद लंबी गोल आकृति में ढाले हुए।
इनारिज़ुशी की शुरुआत दो अलग तैयारियों से होती है जो आख़िर में एक साथ मिलती हैं। एक है पतली तली टोफ़ू (अबुराएगे) वाली तैयारी — पहले उसे गरम पानी में उबालकर तेल निकाला जाता है, फिर दाशी में धीरे-धीरे पकाया जाता है, तब तक जब तक वह चमकदार सुनहरी-भूरी होकर मीठा-नमकीन स्वाद न ले ले। दूसरी है कोम्बू के एक चौकोर टुकड़े के साथ पका गरम चावल, जिसे सुशी सिरके से मसाला दिया जाता है और ऊपर भुने तिल बिखेरे जाते हैं। थैलियाँ छूने लायक़ ठंडी हो जाएँ, तब चावल भीतर भरा जाता है और हर पीस मोड़कर बंद किया जाता है।
यहाँ दी रेसिपी क्योतो के सिरका-निर्माता मुरायामा ज़ोसु की छपी हुई एक पूरी 10-पीस रेसिपी पर चलती है, जो चिदोरिसु (千鳥酢) नाम का सिरका बनाता है और अपनी रेसिपी में उसी सिरके का नाम लेता है। यह कई घरों में बनने वाले रूपों में से एक है, किसी एक राष्ट्रीय या इलाक़ाई मानक होने का दावा नहीं। जापान भर में मिलने वाली आकृतियों में से इस लेख के लिए लंबी गोल (तावारा) आकृति चुनी गई है।
सेकाई गोहान ने इस रेसिपी को रसोई में परखा नहीं है।
तरीक़ा चार बातों पर टिका है: पतली अबुराएगे को फाड़े बिना थैली की तरह खोलना, तेल निकालना ताकि थैलियाँ पकने वाला तरल सोख सकें, सिरका डालने से पहले चावल को आराम देना, और बर्तन में मसालों के जुड़ने का क्रम बनाए रखना।
सामग्री (10 पीस के लिए)

बर्तन और औज़ार
- राइस कुकर
- छोटी कड़ाही, सुशी सिरका गरम करने के लिए
- उबलते पानी का बर्तन, अबुराएगे से तेल निकालने के लिए
- चिमटा
- छन्नी
- बेलन
- चाकू और तख़्ता
- कड़ाही, थैलियाँ पकाने के लिए
- चौड़ा मिक्सिंग टब या कटोरा, सुशी चावल के लिए
- चावल पलटने का चम्मच (शामोजी)
- चम्मच और नापने के चम्मच
चुनाव और विकल्प
अबुराएगे। सुशी के लिए बिकने वाली पतली अबुराएगे देखें, जिसे थैली की तरह खोलना आसान होता है। अगर सिर्फ़ बड़ी आम अबुराएगे मिले, तो उसे आधा काटकर उसी तरह खोला जा सकता है, पर मोटाई और फटने की आसानी अलग होती है, इसलिए उसे एक ही सामग्री न मानकर अलग सामग्री की तरह लें।
सिरका। इस रेसिपी में चिदोरिसु है। कोई दूसरा चावल का सिरका या अनाज का सिरका भी सुशी चावल बना देगा, पर ख़ुशबू और खटास बदल जाती है, इसलिए उसे बराबर का विकल्प नहीं, बल्कि वैकल्पिक रास्ता मानें। पहले से मिलाया हुआ सुशी-सिरका उत्पाद बिल्कुल अलग तरीक़ा है और यहाँ इस्तेमाल नहीं होता।
दाशी। आम बोनितो और कोम्बू वाली दाशी चल जाती है। पौधों पर आधारित रूप के लिए कोम्बू दाशी रखी जा सकती है, पर उसकी नमकीन गहराई अलग होगी।
सोया सॉस। पूरा उसुकुचि हटाकर कोइकुचि डालने से रंग और नमक बदल जाते हैं। उसुकुचि न हो तो कोइकुचि उतनी ही मात्रा में बदलने की जगह थोड़ा-थोड़ा डालकर चखें।
तिल। तिल का कोई रंग तय नहीं है; अपनी पसंद का भुना तिल लें।
यहाँ का इनारिज़ुशी ताज़ा बनाकर खाने के लिए है। सुशी चावल या पकाई थैलियाँ कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न छोड़ें। इस रेसिपी में रखने की कोई अवधि नहीं दी गई है।
जब कुछ गड़बड़ हो जाए
| दिक्कत | संभावित वजह | क्या करें |
|---|---|---|
| थैली खोलते ही फट जाती है | बहुत जल्दी खींचा, या मोटी अबुराएगे | कटे किनारे से उँगलियों की नोक से धीरे खोलें। सुशी के लिए पतली अबुराएगे खोलना आसान होती है |
| अबुराएगे काम करने के लिए बहुत गरम है | सीधे बर्तन से निकालकर छुई गई | बेलने या भरने से पहले छूने लायक़ ठंडा होने तक रखें |
| तरल कम पड़ रहा है और बर्तन पकड़ने लगा है | पकाते समय आँच तेज़ रही | आँच धीमी करें और नज़र बनाए रखें; थैलियाँ जलने न दें |
| सुशी चावल लेई जैसा हो गया | बहुत ज़ोर से मिलाया या दबाया | मसलने की जगह चम्मच से काटकर पलटें |
| सुशी सिरके में चीनी अब भी दानेदार है | ज़रूरत से कम देर गरम किया | धीमी आँच पर चलाते हुए तब तक गरम करें जब तक घुल जाए |
| तिल समान रूप से नहीं फैले | एक ही गुच्छे में डाले | चावल पर बिखेरें और कई बार में पलटें |
जापान भर में आकृतियाँ और रूप
इनारिज़ुशी की कोई एक तय आकृति नहीं है। किक्कोमान इलाक़े के हिसाब से लंबी गोल से तिकोनी तक आकृतियाँ बताता है, और चावल में तिल या मीठे सिरके वाली कमल कंद जैसी चीज़ें जोड़ने वाले भराव भी। इस रेसिपी की लंबी गोल आकृति उसी दायरे में से एक चुनाव है।
किक्कोमान यह भी दर्ज करता है कि पहले से मसाला लगी बाज़ारू इनारि थैलियाँ भी इस्तेमाल की जा सकती हैं। उस शॉर्टकट में तेल निकालना और पकाना छूट जाता है, और स्वाद वही होता है जो उत्पाद का मसाला देता है, इसलिए यह ऊपर की रेसिपी से अलग रास्ता है।
इन स्रोतों में बताई सबसे अलग इलाक़ाई आकृति आओमोरी प्रान्त के त्सुगारु की है। जापान के कृषि, वन एवं मत्स्य मंत्रालय (MAFF) ने त्सुगारु की एक इनारिज़ुशी दर्ज की है जो मुख्य रूप से चिपचिपे चावल से बनती है, लाल अदरक मिलाने पर गुलाबी हो जाती है और बहुत मीठी होती है। यह अपने आप में एक इलाक़ाई व्यंजन है; उसकी सामग्री यहाँ की रेसिपी में नहीं मिलाई गई है।
पीछे की बात: चावल के चारों ओर तली टोफ़ू की थैली
MAFF इनारिज़ुशी को आम शब्दों में अबुराएगे को मीठा-नमकीन पकाकर सिरके वाले चावल या चिपचिपे चावल से भरना बताता है, और यह भी कहता है कि रेसिपी इलाक़े और घर के हिसाब से बदलती हैं। किक्कोमान इसे सुशी चावल से भरी पतली अबुराएगे की थैलियाँ बताता है। इस साझा ढाँचे के भीतर आकृति, चावल, मिठास और मिलाई जाने वाली चीज़ें सब बदलती हैं।
इस पन्ने की रेसिपी एक सिरका-निर्माता की है, इसीलिए उसमें अपने चिदोरिसु सिरके का नाम है और तिल सुशी-सिरके के मसालों के साथ गिनाए गए हैं। उसके तरीक़े में तिल चावल में मसाला लगने के बाद मिलाया जाता है, इसलिए यहाँ सिर्फ़ सिरका, चीनी और नमक गरम होते हैं और तिल बाद में पलटे जाते हैं। यही रेसिपी साके को बिना मात्रा के एक वैकल्पिक टिप्पणी के रूप में रखती है, इसलिए उसे यहाँ छोड़ दिया गया है।
इस नाम को अक्सर लोमड़ियों की कहानियों से जोड़कर समझाया जाता है। इस रेसिपी के पीछे के स्रोत उस मूल को साबित नहीं करते, इसलिए उसे यहीं छोड़ा गया है। उसी देश के और व्यंजनों के लिए सेकाई गोहान पर जापानी रेसिपियाँ देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दो तरह के सोया सॉस क्यों?
रेसिपी में जापानी उसुकुचि और कोइकुचि दोनों सोया सॉस हैं, जो चीनी और मिरिन के बाद एक के बाद एक डाले जाते हैं। ये दो अलग मसाले हैं, और सिर्फ़ कोइकुचि लेने से रंग और नमक बदल जाता है। सिर्फ़ कोइकुचि हो तो जोड़ी हुई मात्रा की जगह थोड़ा-थोड़ा डालकर चखें।
थैलियाँ कितनी देर पकाएँ?
इस रेसिपी में पकाने का समय या आँच का स्तर नहीं दिया गया है। दिए गए समय सिर्फ़ ये हैं: चावल को आराम देने के लिए लगभग 10 मिनट और अबुराएगे उबालने के लिए लगभग 5 मिनट। पकाने के लिए बर्तन पर नज़र रखें: आँच धीमी रखें, जलने न दें, और थैलियाँ सुनहरा रंग और स्वाद ले लें तब रोक दें।
पहले से मिला सुशी सिरका या कोई दूसरा सिरका ले सकते हैं?
मुरायामा ज़ोसु की रेसिपी अपने चिदोरिसु सिरके को चीनी और नमक के साथ लेती है। कोई दूसरा चावल या अनाज का सिरका ख़ुशबू और खटास बदल देता है, और पहले से मिलाया सुशी-सिरका उत्पाद अपने मसालों के संतुलन वाला अलग तरीक़ा है। दोनों से इनारिज़ुशी बन सकती है, पर कोई भी यहाँ की रेसिपी जैसी नहीं है।
क्या यह कांतो या पूरे जापान का मानक इनारिज़ुशी है?
ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। यह एक उत्पादक की 10 पीस वाली रेसिपी है, जिसमें तिल वाला सुशी चावल लंबी गोल आकृति में ढाला जाता है। किक्कोमान और MAFF दोनों आकृति, चावल और मिठास में इलाक़े व घर के हिसाब से फ़र्क़ बताते हैं।
मुँह नीचे की ओर मोड़कर क्यों रखा जाता है?
हर थैली का खुला किनारा चावल पर मोड़कर पीस को उसी मोड़ पर रखना इस लेख की लंबी गोल आकृति के लिए चुना गया तरीक़ा है। जापान भर में दूसरी आकृतियाँ और बंद करने के और तरीक़े भी हैं।
क्या इन्हें पहले से बनाकर रख सकते हैं?
यह रेसिपी ताज़ा बनाकर खाने के लिए है और रखने की कोई अवधि नहीं दी गई है। सुशी चावल या पकाई थैलियाँ कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न छोड़ें।
संदर्भ
- मुरायामा ज़ोसु कंपनी (चिदोरिसु), "いなり寿司(10個)" (इनारिज़ुशी, 10 पीस)। यहाँ इस्तेमाल हुई पूरी सामग्री सूची और विधि: चावल, पानी और कोम्बू; सुशी चावल के लिए चिदोरिसु सिरका, चीनी, नमक और भुने तिल; दाशी, चीनी, मिरिन, उसुकुचि और कोइकुचि सोया सॉस वाली सुशी अबुराएगे; चावल को आराम देना और तेल निकालने का मार्गदर्शन; 10 पीस भरना। https://www.chidorisu.co.jp/suteki/osushi/suteki-163.html
- जापान का कृषि, वन एवं मत्स्य मंत्रालय, "Inarizushi | Our Regional Cuisines (Aomori/Tsugaru)"। इनारिज़ुशी का आम वर्णन — मीठा-नमकीन पकाई अबुराएगे में सिरके वाला या चिपचिपा चावल भरना; लाल अदरक, चिपचिपा चावल और बहुत मीठा स्वाद वाला त्सुगारु रूप; और इलाक़े व घर के हिसाब से बदलाव। https://www.maff.go.jp/e/policies/market/k_ryouri/search_menu/5977/index.html
- किक्कोमान कंपनी, "Inari-zushi"। सुशी चावल से भरी पतली अबुराएगे की थैलियों के रूप में इनारिज़ुशी, लंबी गोल से तिकोनी तक इलाक़ाई आकृतियाँ, तिल या मीठे सिरके वाली कमल कंद जैसी चीज़ें जोड़ना, और पहले से मसाला लगी बाज़ारू थैलियों का इस्तेमाल। https://www.kikkoman.com/en/culture/foodforum/recipe/traditional-34-1.html


































