मकाऊ का अफ़्रीकन चिकन: खाल भूरी होने तक भुनी पूरी मुर्ग़ी, साथ में मूँगफली और नारियल के दूध का सॉस
कितने लोगों के लिए6 लोगों के लिए
पाक शैलीमकानीज़ (मकाऊ)

अफ़्रीकन चिकन: मूँगफली-नारियल सॉस के साथ मकाऊ की मसालेदार भुनी मुर्ग़ी (गालिन्या आफ़्रिकाना)

मकाऊ का अफ़्रीकन चिकन (गालिन्या आफ़्रिकाना) बनाने का तरीक़ा: चपटी खोली गई पूरी मुर्ग़ी को मसालेदार दही में मैरिनेट करके भूनते हैं और साथ में मूँगफली, नारियल के दूध और मिर्च वाला सॉस अलग परोसते हैं। आंतोन्यो एम. जोर्जे दा सिल्वा के रूप पर आधारित, स्रोत की मात्राओं, भूनने की सुरक्षित जाँच और यह बताने के साथ कि यह व्यंजन अफ़्रीकी क्यों नहीं, मकानीज़ क्यों है।

Cooking flow

बनाने की विधि

STEP 11 / 8

प्याज़, लहसुन और तेजपत्ता भूनें

जैतून के तेल में भुनते प्याज़, लहसुन और तेजपत्ता, सॉस का पहला चरण
इस चरण में सिर्फ़ प्याज़, लहसुन और तेजपत्ता ही जाते हैं

सॉस के 1/4 कप जैतून के तेल में से लगभग 15 मिली (1 बड़ा चम्मच) लेकर सॉसपैन में गरम करें। कटा मीठा प्याज़, 1 छोटा चम्मच कटा लहसुन और 2 तेजपत्ते डालें और प्याज़ नरम और पारदर्शी होने तक भूनें। सॉस का बाक़ी तेल, लगभग 45 मिली, चरण 3 के लिए बचा रखें।

STEP 22 / 8

मिर्च, टमाटर पेस्ट, आधा नारियल का दूध और मदीरा डालें

मिर्च, टमाटर पेस्ट और नारियल के दूध के साथ उबलता अफ़्रीकन चिकन का सॉस
तेजपत्ते सॉस के ठंडा होने तक रहते हैं; मूँगफली अभी नहीं डाली जाती

4 बारीक कटी लाल मिर्च, टमाटर पेस्ट, आधा नारियल का दूध, नमक और मीठी मदीरा डालें। उबाल आने दें, फिर आँच धीमी करके लगभग 2 मिनट उबालें। आँच से उतारें, ठंडा होने दें और तेजपत्ते निकाल दें। 2 मिनट का उबाल शराब पूरी तरह उड़ जाने की गारंटी नहीं देता।

STEP 33 / 8

मूँगफली, बाक़ी तेल और बाक़ी नारियल के दूध के साथ पीसें

मूँगफली, जैतून के तेल और बाक़ी नारियल के दूध वाला सॉस, चिकना पीसने के लिए तैयार
सॉस ठंडा होने और तेजपत्ते निकलने के बाद ही पीसें

ठंडे हुए सॉस को ब्लेंडर में 1 कप शहद में भुनी मूँगफली, सॉस का बाक़ी तेल (लगभग 45 मिली) और बाक़ी नारियल का दूध के साथ डालें। चिकना होने तक पीसें। सॉस को सिर्फ़ ठंडा होने के बाद ही पीसें, ब्लेंडर की तापमान और मात्रा की सीमा के भीतर; गरम सॉस को ढककर चलाएँ नहीं। बना सॉस जल्दी से साफ़, उथले डिब्बे में ठंडा करके ढककर फ्रिज में रखें, जब तक मुर्ग़ी मैरिनेड में रहे और भुने; उतनी देर उसे कमरे के तापमान पर न छोड़ें। इसे कच्ची मुर्ग़ी, मैरिनेड और कच्चा मांस छूने वाले औज़ारों से अलग रखें, और अलग परोसें।

STEP 44 / 8

मुर्ग़ी को पोंछकर सुखाएँ और चपटा खोलें

पीठ से खोली और चपटी की गई पूरी मुर्ग़ी, छाती की हड्डी पर अब भी जुड़ी
पीठ से खोलें और दोनों हिस्से छाती की हड्डी पर जुड़े रहने दें

कच्ची मुर्ग़ी को धोएँ नहीं, ताकि संदूषण न फैले; इसके बजाय साफ़ डिस्पोज़ेबल किचन टिशू से सतह को पोंछकर सुखाएँ।

पीठ की तरफ़ काटकर मुर्ग़ी खोलें, दोनों हिस्से छाती की हड्डी पर जुड़े रहें, और उसे दबाकर चपटा करें। छाती की हड्डी की उपास्थि काटकर हटा दें ताकि वह जितनी चपटी हो सके, उतनी पड़े। इसे खाल नीचे करके ओवन में रखने लायक़ धातु की ट्रे में रखें।

STEP 55 / 8

मैरिनेड बनाकर मुर्ग़ी पर लगाएँ

हल्दी और पपरिका का दही, लहसुन और मिर्च के साथ मिलाकर बना मैरिनेड
पहले मसाले मिलाएँ, फिर दही, सिरका और तेल डालें

एक कटोरे में हल्दी, ज़ीरा, पपरिका, कायेन, 2 छोटे चम्मच कद्दूकस लहसुन, 2 बारीक कटी लाल मिर्च और समुद्री नमक मिलाएँ। दही डालें, फिर सफ़ेद वाइन सिरका और मैरिनेड का 1/4 कप जैतून का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।

मैरिनेड को पूरे मांस वाले हिस्से पर फैलाएँ। खाल वाली तरफ़ खाल को ज़ोर से खींचे बिना थोड़ा उठाकर उसके नीचे भी मैरिनेड लगाएँ। ढककर कम से कम 3 घंटे, हो सके तो रात भर फ्रिज में रखें।

मुर्ग़ी के मांस वाले हिस्से पर और खाल के नीचे मसालेदार दही का मैरिनेड फैलाते हुए
खाल धीरे से ढीली करें और उसके नीचे का मांस लगाएँ
STEP 66 / 8

ओवन पहले से गरम करें और मुर्ग़ी ठंडी रखें

STEP 6

ओवन को 425°F (लगभग 220°C, गोल किया हुआ) पर पहले से गरम करें। मुर्ग़ी को भूनने से लगभग 30 मिनट पहले बाहर निकालने के बजाय ओवन गरम होने तक ढककर फ्रिज में ही रखें, फिर सीधे धातु की ट्रे में भूनने चलें। ठंडे काँच के बर्तन को सीधे गरम ओवन में न रखें।

STEP 77 / 8

खाल ऊपर रखकर भूनें और बीच का तापमान जाँचें

ओवन में रखने लायक़ बर्तन में खाल ऊपर रखी पूरी मुर्ग़ी, ओवन में भूनना शुरू
मैरिनेड वाली मुर्ग़ी बिना सॉस के, खाल ऊपर करके ओवन में जाती है

धातु की ट्रे में मुर्ग़ी को खाल ऊपर करके पलटें और 425°F (लगभग 220°C) पर अंदाज़े के तौर पर लगभग 45 मिनट भूनें; समय मुर्ग़ी के आकार और ओवन के साथ बदलता है, इसलिए इसे तय न मानें। सिर्फ़ रंग देखकर न आँकें: थर्मामीटर सबसे मोटे हिस्से में डालें और देखें कि बीच का तापमान कम से कम 75°C तक पहुँचा है और 1 मिनट तक वहीं रहा। न पहुँचा हो तो भूनते रहें और फिर जाँचें। सॉस से चुपड़ें नहीं।

STEP 88 / 8

सजाकर सॉस अलग परोसें

धनिया और कुटी मूँगफली से सजी भुनी मुर्ग़ी, साथ में नींबू और अलग रखा सॉस
धनिया, कुटी मूँगफली और नींबू ही सजावट हैं; सॉस अलग आता है

मुर्ग़ी को साफ़ सर्विंग प्लेटर पर ले जाएँ। ऊपर कटा धनिया और दरदरा कुटी शहद में भुनी मूँगफली बिखेरें और बग़ल में नींबू की फाँकें रखें। मूँगफली-नारियल का सॉस अलग कटोरे में परोसें।

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Ingredients

सामग्री

1 / 1

सामग्री

सामग्री मात्रा काम
मुर्ग़ी 1 पूरी (या 8 चिकन जाँघ) मुख्य। यह लेख पूरी मुर्ग़ी वाले विकल्प पर चलता है
पिसी हल्दी 1/2 छोटा चम्मच मैरिनेड: रंग और मिट्टी जैसी महक
पिसा ज़ीरा 1/2 छोटा चम्मच मैरिनेड: महक
पपरिका 2 छोटे चम्मच मैरिनेड: लाल रंग
कायेन मिर्च पाउडर 1 छोटा चम्मच मैरिनेड: तीखापन
लहसुन, कद्दूकस 2 छोटे चम्मच मैरिनेड
लाल तीखी मिर्च, बारीक कटी 2 मैरिनेड: तीखापन
दही 1/2 कप मैरिनेड: मसालों को थामने वाला आधार
समुद्री नमक 1 छोटा चम्मच मैरिनेड
सफ़ेद वाइन सिरका 2 छोटे चम्मच मैरिनेड: खटास
जैतून का तेल (पुर्तगाली जैतून का तेल) 1/4 कप सिर्फ़ मैरिनेड। सॉस के तेल से अलग रखें
मीठा प्याज़, कटा 1 सॉस: मीठा आधार
लहसुन, कटा 1 छोटा चम्मच सॉस
लाल तीखी मिर्च, बारीक कटी 4 सॉस: तीखापन
टमाटर पेस्ट 2 छोटे चम्मच सॉस
शहद में भुनी मूँगफली 1 कप सॉस: गाढ़ापन लाने के लिए पीसी जाती है
नारियल का दूध 1 कप सॉस: दो हिस्सों में, एक उबालते समय और एक पीसते समय
मीठी मदीरा वाइन 1/4 कप सॉस
तेजपत्ता 2 सॉस: पीसने से पहले निकाल दें
जैतून का तेल (पुर्तगाली जैतून का तेल) 1/4 कप सिर्फ़ सॉस: भूनने के लिए लगभग 15 मिली, बाक़ी (लगभग 45 मिली) पीसने के लिए
समुद्री नमक 1 छोटा चम्मच, या स्वादानुसार सॉस
नींबू, फाँकों में कटा 1 सजावट
धनिया, कटा 1 बड़ा चम्मच सजावट
शहद में भुनी मूँगफली, दरदरा कुटी 1/2 कप सिर्फ़ सजावट। सॉस वाली मूँगफली से अलग
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अफ़्रीकन चिकन: सॉस अलग रखकर परोसी जाने वाली मकाऊ की भुनी मुर्ग़ी

इस व्यंजन की पहचान क्या है

मुर्ग़ी पूरी होती है, चीरकर चपटी की जाती है, हल्दी और पपरिका से रंगे दही के मैरिनेड में लिपटी हुई भूनते हैं। मूँगफली, नारियल के दूध और लाल मिर्च का गाढ़ा सॉस मुर्ग़ी पर पोता नहीं जाता, बल्कि अलग परोसा जाता है।

प्लेटर पर पूरी मुर्ग़ी चपटी पड़ी है, पपरिका और हल्दी से खाल गहरे लाल-सुनहरे रंग की हो गई है, ऊपर कटा धनिया और दरदरा कुटी शहद में भुनी मूँगफली बिखरी है। बग़ल में नींबू की फाँकें रखी हैं और छोटे कटोरे में मूँगफली और नारियल के दूध वाला चिकना, हल्का नारंगी सॉस है। इसे गालिन्या आफ़्रिकाना कहते हैं, कहीं गालिन्या आ आफ़्रिकाना भी लिखा जाता है, और अंग्रेज़ी में इसे अफ़्रीकन चिकन कहा जाता है।

नाम से लगता है कि यह अफ़्रीका का कोई आम व्यंजन होगा, पर ऐसा नहीं है। इसे मकाऊ के मकानीज़ समुदाय की रसोई, यानी मकानीज़ खाने का व्यंजन माना जाता है। यह गालिन्या काफ़्रियाल से भी अलग व्यंजन है, जिसे मोज़ाम्बीक का बताया जाता है, और पुर्तगाली पिरी-पिरी चिकन से भी; यह लेख इन तीनों को एक-दूसरे का बदल नहीं मानता।

इसकी कोई एक मानक रेसिपी नहीं है। हर रेस्तराँ और हर घर का रूप अलग है। यहाँ जो रूप दिया गया है वह आंतोन्यो एम. जोर्जे दा सिल्वा की मकाएन्से कुइज़ीन: ओरिजिन्स एंड एवोल्यूशन (इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मकाऊ, 2016) पर चलता है, जिसमें लेखक ने शेफ़ अमेरिको आँजेलो से जुड़े इस व्यंजन को फिर से बनाने की अपनी कोशिश पेश की है। यह उनकी एक कोशिश है, एकमात्र असली नुस्ख़ा नहीं।

इस रूप के बारे में

हमने यह रेसिपी खुद पकाकर नहीं आज़माई। मिर्चों का तीखापन, सॉस की गाढ़ाई और भूनने का समय आपकी मिर्च, मुर्ग़ी के आकार और आपके ओवन पर निर्भर हैं, इसलिए नीचे दिए समय को सिर्फ़ अंदाज़ा मानें और मुर्ग़ी पकी या नहीं, यह थर्मामीटर से तय करें।

सामग्री (6 लोगों के लिए, स्रोत के अनुसार)

अफ़्रीकन चिकन की सामग्री: मुर्ग़ी, दही, मिर्च, मसाले, मूँगफली और नारियल का दूध
मैरिनेड और सॉस की सामग्री अलग-अलग समूहों में रखी गई है, सजावट की चीज़ें अलग

मूँगफली, जैतून का तेल और नारियल का दूध एक से ज़्यादा जगह आते हैं, इसलिए हर इस्तेमाल की अपनी पंक्ति है।

बर्तन और औज़ार

  • मुर्ग़ी खोलने के लिए रसोई की कैंची या हड्डी निकालने वाला चाकू
  • ओवन में रखने लायक़ धातु की भूनने की ट्रे
  • सॉसपैन
  • ब्लेंडर
  • तुरंत तापमान दिखाने वाला थर्मामीटर
  • साफ़ डिस्पोज़ेबल किचन टिशू
  • सिर्फ़ कच्ची मुर्ग़ी के लिए अलग रखा कटिंग बोर्ड, डिब्बे और औज़ार

माप, चुनाव और विकल्प

यहाँ कप की माप कैसे पढ़ें

स्रोत में कप, बड़े चम्मच और छोटे चम्मच हैं। किताब में छपी बदलने की तालिका के मान मिले-जुले हैं (1 कप = 250 मिली, 1/2 कप = 118 मिली, 1/4 कप = 59 मिली), इसलिए वह कप का कोई एक मानक तय नहीं करती, और यह लेख स्रोत के कप को अमेरिकी कप नहीं कहता। चरणों को समझने के लिए यहाँ संपादकीय तौर पर 1 कप = 240 मिली, 1 बड़ा चम्मच = 15 मिली और 1 छोटा चम्मच = 5 मिली माना गया है। इस हिसाब से 1/2 कप 120 मिली और 1/4 कप 60 मिली है। ये आयतन हैं, वज़न नहीं।

दो तेल, दो काम। मैरिनेड का 1/4 कप जैतून का तेल सिर्फ़ मैरिनेड में जाता है। सॉस का 1/4 कप सॉस का इकलौता तेल है: भूनने के लिए लगभग 15 मिली (1 बड़ा चम्मच) और पीसने के लिए लगभग 45 मिली, यानी अलग से तेल नहीं डालना।

मूँगफली के दो हिस्से। 1 कप शहद में भुनी मूँगफली सॉस में जाती है; 1/2 कप दरदरा कुटकर आख़िर में ऊपर बिखेरी जाती है।

जैतून का तेल। पहला चुनाव पुर्तगाली जैतून का तेल है। साधारण एक्स्ट्रा-वर्जिन जैतून का तेल भी चल जाता है, स्वाद में थोड़ा फ़र्क़ रहेगा।

मिर्च। बनी हुई मुर्ग़ी और सॉस का तीखापन इस पर है कि आप कौन-सी और कितनी लाल मिर्च लेते हैं। हल्की मिर्च या कम मात्रा चुनने पर व्यंजन कम तीखा बनेगा, पर असर कितना होगा, यह यहाँ नापा नहीं गया।

किसका विकल्प नहीं चलता। नारियल का दूध या मूँगफली हटा दें तो व्यंजन इस रूप से दूर चला जाता है। वह अलग रेसिपी है, कोई विकल्प नहीं।

एलर्जी और शहद

इस रेसिपी में मूँगफली, दूध (दही) और मुर्ग़ी है। शहद में भुनी मूँगफली एक प्रोसेस्ड चीज़ है, इसलिए लेबल पर बाक़ी सामग्री ज़रूर देखें। मूँगफली शहद में भुनी है, इसलिए 1 साल से छोटे बच्चों को यह व्यंजन न दें; एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए, और आम गरम करना या पकाना इस सावधानी को नहीं हटाता।

विधि: पहले सॉस बनाएँ, फिर मैरिनेड और भूनना

काम का क्रम

चरण 1–3 में सॉस बनता है, जो अलग परोसा जाता है। चरण 4–5 में मुर्ग़ी तैयार होकर कम से कम 3 घंटे मैरिनेड में रहती है, हो सके तो रात भर। चरण 6–8 में भूनना और सजाना है। भूनते समय सॉस मुर्ग़ी पर कभी नहीं जाता।

कच्ची मुर्ग़ी की सफ़ाई

कच्ची मुर्ग़ी के बोर्ड, डिब्बे और औज़ार बाक़ी खाने की चीज़ों से अलग रखें, बने सॉस से भी। कच्ची मुर्ग़ी छूने के बाद हाथ और औज़ार धोएँ। जिन बर्तनों या औज़ारों को कच्ची या मैरिनेड वाली मुर्ग़ी छू चुकी, उन्हें पकी मुर्ग़ी के लिए न लें, और बचा मैरिनेड सॉस में न मिलाएँ, जो बिना और गरम किए परोसा जाता है।

कुछ गड़बड़ हो तो

हालत क्या देखें या करें
45 मिनट में खाल अच्छी तरह भूरी है, पर सबसे मोटा हिस्सा 75°C से नीचे है भूनते रहें और दोबारा जाँचें, जब तक बीच का तापमान कम से कम 75°C पर 1 मिनट न रहे। रंग पकने की जाँच नहीं है
मैरिनेड लगाते समय खाल फटने लगे खाल सिर्फ़ थोड़ी उठाएँ और नीचे मैरिनेड लगाएँ; खाल को मांस से खींचकर अलग करने की ज़रूरत नहीं
पीसने का समय आया पर सॉस अब भी गरम है पहले ठंडा होने दें, और ब्लेंडर की तापमान व मात्रा की सीमा में रहें
कटोरे में मैरिनेड बचा है फेंक दें। सॉस में न मिलाएँ और डिप की तरह इस्तेमाल न करें
व्यंजन मन से ज़्यादा तीखा बना अगली बार लाल मिर्च का प्रकार और मात्रा बदलें; तीखापन मिर्च के हिसाब से बदलता है
बचा हुआ खाना

बचा खाना साफ़, उथले डिब्बों में बाँटें, जल्दी ठंडा करके फ्रिज में रखें। आम अंदाज़े के तौर पर 75°C या उससे ऊपर तक गरम करें। इस खास रेसिपी के लिए रखने की कोई सुरक्षित अवधि तय नहीं है।

इसी रेसिपी के भीतर बदलाव

पूरी मुर्ग़ी की जगह चिकन जाँघ। स्रोत पूरी मुर्ग़ी के विकल्प में 8 चिकन जाँघ देता है। उनके लिए अलग भूनने का समय नहीं दिया गया, इसलिए वही थर्मामीटर जाँच रखें: बीच में कम से कम 75°C, 1 मिनट तक।

स्रोत का परोसने का सुझाव। विधि में दा सिल्वा सुझाते हैं कि मुर्ग़ी के साथ भुने टमाटर और हल्दी में उबले कटे आलू परोसें। सामग्री की सूची में इनकी कोई मात्रा नहीं दी गई, इसलिए ये ऊपर की रेसिपी का हिस्सा नहीं हैं; इन्हें परोसने का आइडिया मानें, इस पेज से नापकर बनाने की चीज़ नहीं।

मकाऊ के दूसरे रूप। मकाऊ में रेसिपियाँ अलग-अलग हैं। अमेरिकन हिस्टोरिकल एसोसिएशन के एक लेख में अनाबेल जैक्सन की टेस्ट ऑफ़ मकाऊ से एक अलग घरेलू रूप दिया गया है, जिसका नुस्ख़ा अलग है। वह अलग रेसिपी है, इसलिए उसकी मात्राएँ इसमें नहीं मिलाई गई हैं।

व्यंजन कहाँ से आया, और क्या अनिश्चित है

गालिन्या आफ़्रिकाना को मकानीज़ व्यंजन माना जाता है। मकाऊ में यह नाम कई अलग तैयारियों के लिए चलता है, और लिखने वाले इसे परोसने के अलग-अलग तरीक़े बताते हैं। मकानीज़ रसोई पर शोध में कहा गया है कि आज इसके कई रूप हैं, जिनमें मूँगफली और टमाटर वाले रूप भी शामिल हैं।

इसकी उत्पत्ति तय नहीं है। एक बहुत दोहराया जाने वाला क़िस्सा कहता है कि व्यंजन पोउसादा दे मकाऊ के शेफ़ अमेरिको आँजेलो ने बनाया, और दूसरा इसे पुर्तगाल की अफ़्रीकी कॉलोनियों की यात्रा से जोड़ता है। मोज़ाम्बीक और गोवा से जुड़ाव की भी चर्चा होती है। खान-पान के इतिहास पर शोध और पाक-पुस्तक दोनों इन्हें व्यंजन के बारे में सुनाई जाने वाली कहानियाँ मानते हैं, स्थापित तथ्य नहीं, और यहाँ कोई पक्की तारीख़ या जन्मस्थान नहीं दिया गया है।

दा सिल्वा खुद लिखते हैं कि हर रेस्तराँ की रेसिपी अलग है और वे अपने रूप को खोए स्वाद को वापस पाने की एक कोशिश बताते हैं। अनाबेल जैक्सन का शोध भी मकानीज़ अफ़्रीकन चिकन को गालिन्या पिरी पिरी से मिला देने के ख़िलाफ़ चेतावनी देता है। इस व्यंजन को अपने इतिहास वाली मकानीज़ तैयारी मानकर पढ़ें तो यह उन व्यंजनों से अलग रहता है जिनकी ओर इसका नाम इशारा करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अफ़्रीकन चिकन अफ़्रीका का व्यंजन है?

नहीं। गालिन्या आफ़्रिकाना को मकाऊ में मकानीज़ रसोई का व्यंजन माना जाता है। कहानियाँ इसकी प्रेरणा को पुर्तगाल की अफ़्रीकी कॉलोनियों से जोड़ती हैं, और मोज़ाम्बीक व गोवा से जुड़ाव पर चर्चा होती है, पर ये सिद्धांत हैं, तय उत्पत्ति नहीं।

क्या यह पिरी-पिरी चिकन या गालिन्या काफ़्रियाल जैसा ही है?

नहीं। यह लेख इसे पुर्तगाली पिरी-पिरी चिकन या गालिन्या काफ़्रियाल जैसा व्यंजन नहीं मानता, जिसे मोज़ाम्बीक का बताया जाता है।

जब स्रोत में मुर्ग़ी धोई जाती है, तो इस रेसिपी में क्यों नहीं?

कच्ची मुर्ग़ी धोने से संदूषण सिंक और आस-पास की सतहों पर फैल सकता है। यह लेख स्रोत के धोने वाले चरण की जगह साफ़ डिस्पोज़ेबल किचन टिशू से मुर्ग़ी पोंछकर सुखाने का तरीक़ा रखता है। यह संपादकीय बदलाव है, मूल विधि नहीं।

क्या 425°F पर 45 मिनट काफ़ी होंगे?

स्रोत 45 मिनट अंदाज़े के तौर पर देता है, पर मुर्ग़ी का वज़न नहीं बताता, और ओवन अलग-अलग होते हैं। सबसे मोटे हिस्से में थर्मामीटर लगाएँ और देखें कि वह 1 मिनट तक कम से कम 75°C पर पहुँचे; ज़रूरत हो तो और भूनें।

क्या भूनने से पहले सॉस मुर्ग़ी पर लगाना चाहिए?

नहीं। इस रूप में मुर्ग़ी सिर्फ़ मसालेदार दही के मैरिनेड के साथ भुनती है, और मूँगफली-नारियल का सॉस मेज़ पर अलग परोसा जाता है।

क्या मदीरा को 2 मिनट उबालने से शराब निकल जाती है?

इसकी गारंटी नहीं है। सॉस उबाल आने के बाद लगभग 2 मिनट उबलता है, जिससे शराब पूरी तरह जाना तय नहीं होता।

क्या बच्चे इसे खा सकते हैं?

1 साल से छोटे बच्चों को न दें, क्योंकि शहद में भुनी मूँगफली में शहद है। पकाने से यह सावधानी नहीं हटती। व्यंजन में मूँगफली और दूध (दही) भी है।

संदर्भ

  • आंतोन्यो एम. जोर्जे दा सिल्वा, मकाएन्से कुइज़ीन: ओरिजिन्स एंड एवोल्यूशन, इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मकाऊ, 2016, पृ. 126–128 (ऑनलाइन ट्रांसक्रिप्शन, मकाऊ वर्चुअल लाइब्रेरी)। रेसिपी की सामग्री, मात्राएँ, विधि, 6 लोगों की मात्रा और भूनने के निर्देश; लेखक का यह कथन कि रेस्तराँ के हिसाब से रेसिपियाँ अलग हैं; और बनने की कहानी तथा मोज़ाम्बीक / गोवा के जुड़ाव की अनिश्चितता। https://www.macaudata.mo/showbook?bno=b001162
  • आइज़क बोछियाओ यान, "मकानीज़ गालिन्या आ आफ़्रिकाना – मकाओ से पुर्तगाली औपनिवेशिक अफ़्रीका तक का सफ़र," पर्सपेक्टिव्स ऑन हिस्ट्री, अमेरिकन हिस्टोरिकल एसोसिएशन, 2023-07-12। मकाऊ में व्यंजन की जगह, इसके अलग-अलग परोसने के रूप, उत्पत्ति की कई कहानियाँ, और अनाबेल जैक्सन को जोड़ी गई एक अलग घरेलू रेसिपी। https://www.historians.org/perspectives-article/macanese-galinha-africana-time-traveling-to-portuguese-colonial-africa-from-macao-july-2023/
  • अनाबेल जैक्सन, क्लासिफ़िकेशन्स एंड रेप्रेज़ेंटेशन्स ऑफ़ मकानीज़ कुइज़ीन: फ़्रॉम डोमेस्टिक, डॉक्टरेट शोध-प्रबंध, गोल्डस्मिथ्स, यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन, 2023। व्यंजन के मकानीज़ होने की बात, अमेरिको आँजेलो वाली उत्पत्ति की कहानी पर संदेह, आज के रूपों की विविधता, और गालिन्या पिरी पिरी से अंतर। https://research.gold.ac.uk/id/eprint/34016/1/ICCE_thesis_JacksonA_2023.pdf
  • जापान का स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय, "कैंपिलोबैक्टर खाद्य विषाक्तता से बचाव (प्रश्नोत्तर)" (カンピロバクター食中毒予防について(Q&A))। मुर्ग़ी को बीच में कम से कम 75°C पर 1 मिनट या उससे ज़्यादा गरम करना, कच्ची या अधपकी मुर्ग़ी से बचना, और कच्ची मुर्ग़ी के औज़ार व डिब्बे अलग रखना, हाथ व औज़ार धोना। https://www.mhlw.go.jp/stf/seisakunitsuite/bunya/kenkou_iryou/shokuhin/syokuchu/campylobacterqa.html
  • जापान का स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय, "घर में खाद्य विषाक्तता से बचाव" (家庭での食中毒予防)। घर पर 75°C पर 1 मिनट या उससे ज़्यादा गरम करना, संदूषण फैलने से रोकना, बचे खाने को उथले हिस्सों में जल्दी ठंडा करना, और अंदाज़े के तौर पर 75°C या उससे ऊपर तक दोबारा गरम करना। https://www.mhlw.go.jp/stf/seisakunitsuite/bunya/kenkou_iryou/shokuhin/syokuchu/01_00008.html
  • जापान का स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय, "शहद एक साल की उम्र के बाद ही दें" (ハチミツを与えるのは1歳を過ぎてから。)। 1 साल से छोटे बच्चों को शहद या शहद वाली चीज़ें न देना, और यह कि आम गरम करना या पकाना यह सावधानी नहीं हटाता। https://www.mhlw.go.jp/stf/seisakunitsuite/bunya/0000161461.html