सुबह के भोजनालय की छत पर कई गोल मेज़ें लगी हैं। परोसे जाते हैं भाप उठाती मीठी सोमाली चाय, पतली और लचीली रोटियों का ढेर, और प्याज़ के साथ भूनकर पकाए गए मांस के छोटे टुकड़ों की एक प्लेट। रोटी तोड़ें, उससे मांस उठाएँ, चाय की चुस्की लें। बस इतने से दोपहर तक चलने की ताक़त आ जाती है। सुक़ार (suqaar) सोमालिया की मेज़ पर अनिवार्य मांस के छोटे टुकड़ों की मसालेदार सब्ज़ी है।
हरगेसा की सुबह: कन्जेरो और सुक़ार

उत्तरी सोमालिया में सोमालीलैंड के मुख्य शहर हरगेसा गए यात्रा-ब्लॉग outerNotes के लेखक ने लिखा है कि स्थानीय दोस्त उन्हें भोजनालय की छत पर नाश्ते के लिए ले गए। मेज़ पर सोमाली चाय, संतरे और एवोकाडो के जूस, और कन्जेरो (canjeero) व सुक़ार थे। कन्जेरो ख़मीर उठे घोल को पतला सेंककर बनी हल्की खट्टी रोटी है। लेखक लिखते हैं कि कन्जेरो और सुक़ार नाश्ते की आम जोड़ी है, और अगले भोजन तक की सारी ऊर्जा इसी से मिल जाती है।
उस समय खाई सुक़ार बकरे के मांस को मोटे-मोटे टुकड़ों में काटकर प्याज़, शिमला मिर्च और थोड़े लहसुन व टमाटर पेस्ट के साथ भूनी गई थी। सुक़ार में इस्तेमाल मांस बीफ़, बकरा, भेड़ और चिकन, कई तरह का होता है। तय सामग्री में बँधे बिना उस दिन जो मांस हो उसी से बन जाना शायद वजह है कि यह रोज़ की मेज़ पर जम गई।
कनाडा में सोमाली खाने की रेसिपी साइट और भोजनालय चलाने वाले Xawaash के अनुसार, सुक़ार में मांस के टुकड़ों के आकार का कोई नियम नहीं है; घर के हिसाब से लगभग 6 मिमी से लगभग 1.2 सेमी तक अलग होते हैं। सोमाली ग्राहकों वाली क़साई की दुकानों में कभी-कभी सुक़ार के लिए छोटा कटा मांस बिकता है।
स्वाद का आधार मसाला: शावाश

सुक़ार की ख़ुशबू तय करता है सोमालिया के हर घर का अनिवार्य मसाला मिश्रण, शावाश (xawaash)। Xawaash साइट के अनुसार यह नाम अरबी के "हवाइज (hawa'ij)" से आया है, जिसका अर्थ है "ज़रूरी चीज़ें" या "अनिवार्य चीज़ें"। माना जाता है कि इसकी शुरुआत यमन में हुई।
उसी साइट की व्याख्या के अनुसार दक्षिणी सोमालिया में शावाश मांस की डिशों, स्टू और सूप जैसी नमकीन डिशों में डाला जाता है। वहीं उत्तर में चाय और कॉफ़ी में डाले जाने वाले मिश्रणों समेत सभी मसाला मिश्रणों को शावाश कहा जाता है। अनुपात भी इलाक़े, पसंद और मिलने वाले मसालों के हिसाब से बदलता है। आधार जीरा और धनिया हैं, जिनमें काली मिर्च, दालचीनी, इलायची, लौंग और हल्दी जुड़ते हैं।
साबुत मसालों को भूनकर पीसा गया शावाश, बाज़ार के पाउडर मसालों को बस मिलाकर बनाए गए शावाश से बिल्कुल अलग ढंग से ख़ुशबू छोड़ता है। एक बार एक साथ बनाकर रख लें, तो सिर्फ़ सुक़ार ही नहीं, सोमालिया के चावल की डिशों और स्टू में भी चलाया जा सकता है।
सामग्री (4 लोगों के लिए)

सुक़ार की सामग्री Xawaash की Beef Suqaar रेसिपी (8–10 लोगों के लिए) को घर पर बनाने में आसान रखने के लिए आधी की गई है। शावाश उसी साइट के मिश्रण का चौथाई है। फिर भी सुक़ार में बहुत थोड़ा ही लगता है, इसलिए बाक़ी को बोतल में रखकर दूसरी डिशों में इस्तेमाल करें।
बीफ़ के लिए पिंडली या कंधा जैसा पकाने के लिए उपयुक्त हिस्सा चुनें। Xawaash साइट लिखती है कि बछड़े का मांस ज़्यादा नरम होता है, पर स्वाद की तेज़ी के लिहाज़ से वे बीफ़ को पसंद करते हैं। छोटा काटने पर बीफ़ भी लगभग 30 मिनट पकाने में काफ़ी नरम हो जाता है। टुकड़े काटने के लिए करी वाले मांस को और छोटा काट लें, यह आसान तरीक़ा है।
सब्ज़ी का शोरबा रेसिपी में vegetable seasoning (सब्ज़ी का मसाला) लिखी चीज़ की जगह है। उत्पाद के हिसाब से नमक काफ़ी अलग होता है, इसलिए पहले तालिका की मात्रा से बनाएँ और नमक पकने के बाद डालना है या नहीं, यह तय करें।
मसाले भूनते समय जलने तक गरम करने पर धुआँ उठता है और आँखों व गले में जलन हो सकती है। एग्ज़ॉस्ट फ़ैन चलाएँ और फ़्राइंग पैन से नज़र न हटाएँ। साथ ही, कच्चे बीफ़ को काटे हुए चाकू और कटिंग बोर्ड सब्ज़ी काटने से पहले धो लें, या मांस सबसे आख़िर में काटें।
शावाश पीसने के तुरंत बाद सबसे ज़्यादा महकता है। Xawaash साइट भी साबुत मसाले भूनकर पीसने की सलाह देती है। समय कम हो तो जीरा-धनिया के पाउडर में थोड़ा-थोड़ा काली मिर्च, दालचीनी, इलायची, लौंग और हल्दी का पाउडर मिलाकर भी बन सकता है, पर ख़ुशबू हल्की रहती है।
चावल के साथ भी, रोटी के साथ भी

Xawaash साइट बताती है कि सुक़ार को चावल, सूर (soor, मक्के का दलिया), कन्जेरो, या बराओ शैली की मूफ़ू (muufo, रोटी) जैसी अपनी पसंद की रोटी या मुख्य भोजन के साथ खाया जा सकता है। हरगेसा की सुबह की तरह पतली रोटी से उठाकर खाएँ, या रात के खाने में चावल पर भरपूर डालकर, दोनों जँचते हैं। मांस का रस सोख चुके आलू दोनों ढंग से खाने में नायक बनते हैं।
सोमालिया की मेज़ का और स्वाद लेना हो तो सुबह की मुख्य पतली रोटी कन्जेरो (जापानी में) सेंककर सुक़ार के साथ जोड़कर देखें। शावाश बच जाए तो मसालों में पकने वाले सोमाली चावल बारिस इस्कुकारिस में भी काम आता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बीफ़ के अलावा किसी और मांस से बन सकती है?
बन सकती है। हरगेसा के भोजनालयों में बकरे की सुक़ार परोसी जाती है, और भेड़ या चिकन से भी बनती है। चिकन बीफ़ से जल्दी पकता है, इसलिए पकाने का समय घटाएँ और जाँच लें कि वह बीच तक पका है।
क्या शावाश टिकता है?
बंद हो सकने वाली बोतल में नमी और रोशनी से बचाकर रखें। पिसे मसालों की ख़ुशबू समय के साथ कमज़ोर होती है, इसलिए थोड़ी मात्रा में बनाकर जल्दी इस्तेमाल कर लेना बेहतर है।
क्या यह तीखी डिश है?
शावाश में मिर्च नहीं होती, इसलिए सुक़ार ख़ुद तीखी नहीं है। बस काली मिर्च की हल्की चटक रहती है। तीखापन चाहिए तो खाते समय हरी मिर्च या तीखा सॉस साथ रखें।
बची हुई सुक़ार का क्या करें?
थोड़ा ठंडा करके डिब्बे में रखें, रेफ़्रिजरेटर में रखें और जल्दी खा लें। दोबारा गरम करते समय देग में थोड़ा पानी डालकर बीच तक अच्छी तरह गरम करें।
संदर्भ
- Xawaash, “Beef Cubes with Vegetables (Beef Suqaar).” (22 अक्टूबर 2026 को देखा और जाँचा गया). https://xawaash.com/recipes/beef-cubes-with-vegetables/
- Xawaash, “Xawaash (Somali Spice Mix).” (22 अक्टूबर 2026 को देखा और जाँचा गया). https://xawaash.com/recipes/xawaash-somali-spice-mix/
- outerNotes, “what's to eat #49,” 18 मार्च 2019. (22 अक्टूबर 2026 को देखा और जाँचा गया). https://outernotes.blog/2019/03/18/whats-to-eat-49/













