चिकन नानबान: तली मुर्ग़ी में रचा मीठा-खट्टा सिरका, ऊपर टार्टर
पहले मैदे की पतली परत, फिर अंडा — तला हुआ, मीठे-खट्टे सोया-सिरके के सॉस में डुबोया हुआ, छाना हुआ, और आख़िर में ताज़े खीरे, प्याज़ और उबले अंडे वाला दरदरा टार्टर। न ब्रेडक्रम्ब्स, न अचार।
चिकन ब्रेस्ट पर नमक और काली मिर्च लगाई जाती है, मैदा छिड़का जाता है, फिर उसे फेंटे अंडे में लपेटकर तला जाता है। गरम-गरम ही वह नानबान सिरके में जाता है — सोया सॉस, सिरका, चीनी और मिरिन का मीठा-खट्टा मेल, जिसमें थोड़ा शिचिमी तोगाराशी है। निकालकर छान लेने पर उसे सब्ज़ियों के साथ थाली में रखा जाता है और ऊपर टार्टर सॉस डाला जाता है, जिसमें खीरे, प्याज़ और अंडे के छोटे टुकड़े दिखाई देते रहते हैं। स्वाद इसी क्रम में चढ़ता है: तली मुर्ग़ी, मीठा सिरका, और फिर मलाईदार टार्टर।
यह है चिकन नानबान (チキン南蛮, चिकिन नानबान) — दक्षिणी क्यूशू में मियाज़ाकी प्रान्त का व्यंजन। जापान का कृषि, वन एवं मत्स्य मंत्रालय (MAFF) इसकी दो धाराएँ बताता है: आम शैली, जिसमें ऊपर टार्टर सॉस डाला जाता है, और सादा रूप, जिसे सिर्फ़ मीठे सिरके के सॉस के साथ खाया जाता है। यह लेख टार्टर वाली शैली बनाता है।
यहाँ दी गई रेसिपी MAFF की क्षेत्रीय व्यंजन साइट "उचि नो क्योदो र्योरी" ("हमारा इलाक़ाई खाना") पर छपे 2 लोगों के संस्करण की है, जिसे वह मियाज़ाकी प्रान्त आहार-सुधार प्रोत्साहन परिषद की मियाज़ाकी नो क्योदो र्योरी हेराशियो रेसिपी से लिया हुआ बताता है। यहाँ की हर मात्रा और चरणों का क्रम उसी रेसिपी का है; तलने का समय, कटाई का आकार और साथ की सब्ज़ियों का प्रकार उसका हिस्सा नहीं हैं, इसलिए यहाँ उन्हें गढ़ा नहीं गया है।
यह रेसिपी सेकाई गोहान की रसोई में परखी नहीं गई है। मात्राएँ और क्रम प्रकाशित मियाज़ाकी रेसिपी से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं।
सामग्री: 2 लोगों के लिए, तीन समूहों में

सारी सामग्री वज़न में दी गई है, इसलिए रसोई का तराज़ू काम आसान कर देता है। तालिका तीन समूहों में चलती है: मुर्ग़ी और उसका लेप, टार्टर सॉस, और नानबान सिरका। दो चीज़ें अलग-अलग मात्रा के साथ दो बार आती हैं, इसलिए उन्हें अलग-अलग नापें: चीनी (टार्टर के लिए थोड़ी, सिरके के लिए ज़्यादा) और अंडा (लेप के लिए कच्चा फेंटा अंडा, टार्टर के लिए कटा उबला अंडा)।
थाली की सब्ज़ियाँ: ज़रूरत भर, जो किस्म चाहें।
बर्तन और उपकरण
- तलने के लिए गहरा पैन या बर्तन
- तलने के तेल का थर्मामीटर
- मुर्ग़ी के लिए साफ़, तुरंत पढ़ने वाला खाने का थर्मामीटर (इसे तेल के थर्मामीटर से अलग रखें)
- तली मुर्ग़ी रखने के लिए तार की रैक या साफ़ रैक
- नानबान सिरके के लिए छोटा सॉसपैन
- टार्टर मिलाने के लिए कटोरा
- मैदे और फेंटे अंडे के लिए उथली तश्तरियाँ
- कच्ची मुर्ग़ी के लिए अलग चॉपिंग बोर्ड, प्लेट और चिमटा या सींक, और पकी मुर्ग़ी के लिए साफ़ बर्तन
खरीदना और चुनना: कुछ भी दुर्लभ नहीं, बस सूची पक्की रखें
हर चीज़ जापानी रसोई या सुपरमार्केट की आम सामग्री है: चिकन ब्रेस्ट, केक फ़्लोर, अंडे, सादा और हल्का सोया सॉस, मिरिन, सिरका, चीनी, शिचिमी तोगाराशी, मेयोनीज़, केचप, खीरा और प्याज़। हल्का सोया सॉस (उसुकुची) इस रेसिपी में अलग सामग्री है, कोई ऐच्छिक जोड़ नहीं। इसकी जगह न भरें: सादे सोया सॉस की मात्रा बढ़ाना या सूप-बेस जैसा उत्पाद डालना आपका अपना बदलाव होगा, उसका बराबर विकल्प नहीं।
सिरका और तलने का तेल वही लें जिससे आप आमतौर पर खाना बनाते हैं। थाली के लिए कोई भी सब्ज़ी, किसी भी मात्रा में लें। पत्तागोभी, सलाद पत्ता या कोई ख़ास सलाद इस रेसिपी का हिस्सा नहीं है।
परंपरा से चिकन ब्रेस्ट ही आम कट रहा है, और आज चिकन जाँघ भी इस्तेमाल होती है, जो ज़्यादा चर्बीदार और पेट भरने वाली है। इस रेसिपी की मात्राएँ 240g ब्रेस्ट के लिए हैं; जाँघ का अपनी अलग मात्राओं वाला संस्करण यहाँ नहीं दिया गया है।
इस व्यंजन में गेहूँ (केक फ़्लोर, और कई सोया सॉस), अंडा (लेप, उबला अंडा और मेयोनीज़) और सोया (सोया सॉस) हैं। शिचिमी तोगाराशी और दूसरे मिश्रित उत्पादों में ब्रांड के हिसाब से और सामग्री हो सकती है। जो भी उत्पाद इस्तेमाल करें, उनके लेबल जाँचें।
बनाने की विधि: पहले टार्टर, फिर नानबान सिरका, फिर तली मुर्ग़ी
मुर्ग़ी के तेल में जाने से पहले दोनों सॉस बना लें, ताकि तली मुर्ग़ी सीधे सिरके में और वहाँ से थाली पर जा सके।
हर बार एक-सा नतीजा पाने के सुझाव
लेप का क्रम न बदलें। MAFF समझाता है कि अंडे का लेप लगाने से पहले मैदा छिड़कने से लेप मीठा सिरका ज़्यादा आसानी से सोख लेता है और मुँह में सुखद बनावट देता है। ब्रेडक्रम्ब्स का यहाँ कोई काम नहीं।
सॉस अपनी-अपनी जगह रहें। सिरका तलने के बाद मुर्ग़ी पर जाता है, अतिरिक्त तरल छान दिया जाता है, और टार्टर सबसे आख़िर में। मुर्ग़ी को पड़ा न छोड़ें — डुबोएँ, निकालें और छानें।
पकना नापें, रंग नहीं। 170°C का आँकड़ा सिर्फ़ तेल के लिए है। थर्मामीटर की सुई सबसे मोटे हिस्से में डालें और पुष्टि करें कि 75°C कम से कम 1 मिनट तक बना रहा।
| दिक़्क़त | संभावित कारण | क्या करें |
|---|---|---|
| बीच का तापमान 75°C तक नहीं पहुँचा | मुर्ग़ी मोटी है या तेल का तापमान गिर गया | पकाते रहें और सबसे मोटे हिस्से को फिर जाँचें। लेप के रंग से अंदाज़ा न लगाएँ |
| लेप ब्रेड वाले कटलेट जैसा दिखता है | ब्रेडक्रम्ब्स इस्तेमाल हुए | अगली बार सिर्फ़ मैदा और फिर फेंटा अंडा लें |
| टार्टर में अचार जैसा स्वाद है | ताज़े खीरे की जगह अचार डाला गया | ताज़ा खीरा और कच्चा प्याज़ बारीक काटकर लें |
| थाली में सॉस फैल गया | डुबोने के बाद मुर्ग़ी नहीं छानी गई | सिरके से निकालकर अतिरिक्त तरल टपकने दें, फिर थाली में रखें |
| टार्टर बहुत मीठा है या सिरका फीका | चीनी की दोनों मात्राएँ बदल गईं | टार्टर की चीनी 3g है; नानबान सिरके की चीनी 30g |
| सिरके का स्वाद बेढब लगता है | सिर्फ़ एक तरह का सोया सॉस लिया गया | 18g सादा और 18g हल्का सोया सॉस अलग-अलग नापें |
नोबेओका में जन्म, फिर मियाज़ाकी के घरों और रेस्तराँओं तक
MAFF चिकन नानबान को ऐसा व्यंजन बताता है जिसका जन्म उत्तरी मियाज़ाकी के शहर नोबेओका में माना जाता है और जो पूरे प्रान्त में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चला आया। मंत्रालय के अनुसार इसकी शुरुआत शोवा युग के 30 के दशक (लगभग 1955 से 1964) में नोबेओका के एक पश्चिमी शैली के रेस्तराँ के माकानाइ (कर्मचारियों के खाने) से हुई। शोवा युग के 40 के दशक (लगभग 1965 से 1974) में यह बाहर खाने जाने वाले परिवारों की पसंद बना, और बाद में स्कूल के दोपहर के भोजन, घरेलू रसोई और पूरे प्रान्त के रेस्तराँओं के रोज़मर्रा के मेन्यू तक फैल गया।
मियाज़ाकी प्रान्त की अपनी त्रैमासिक पत्रिका जाजा यह कहानी और विस्तार से बताती है। प्रान्त के विवरण में जड़ें नोबेओका के लंदन (ロンドン) नाम के पश्चिमी रेस्तराँ के कर्मचारी-भोजन में हैं, जहाँ यह मीठे सिरके में भीगी तली मुर्ग़ी जैसा कुछ था, बिना कोई औपचारिक नाम और बिना टार्टर सॉस। प्रान्त बताता है कि लगभग शोवा 39 (1964) में श्री गोतो (後藤直) ने इसे अपने रेस्तराँ नाओचान (直ちゃん) के मेन्यू में रखा, और उसी के आसपास ओगुरा की ओसे शाखा (おぐら大瀬店) के काई तेरुयुकी (甲斐照幸) ने आज की मुख्यधारा वाली शैली विकसित की, जिसमें टार्टर सॉस और सलाद के साथ परोसा जाता है। ये प्रान्त के विवरण हैं; MAFF का छोटा सार किसी दुकान या व्यक्ति का नाम नहीं देता, इसलिए यहाँ किसी एक आविष्कारक का दावा नहीं किया गया है।
प्रान्त चिकन नानबान को मियाज़ाकी का सोल फ़ूड बताता है, जो देश भर में लोकप्रिय हो गया है, और यह भी लिखता है कि 2009 में नोबेओका शहर ने ख़ुद को "चिकन नानबान का जन्मस्थान" घोषित किया। MAFF ज़िक्र करता है कि रेस्तराँ अपने घर के टार्टर सॉस और चिकन नानबान करी जैसी नई किस्में परोसते हैं। देश भर के और व्यंजनों के लिए हमारा जापान पेज देखें।
नाम की बात करें तो MAFF समझाता है कि नानबान पुर्तगालियों और उनकी संस्कृति से जुड़ा है, जो सेन्गोकु (युद्धरत राज्यों के) काल में जापान आए, और नानबान-ज़ुके से भी, यानी मिर्च के साथ मीठे सिरके में भिगोकर बनाए जाने वाले व्यंजनों से। मंत्रालय कहता है कि मुर्ग़ी के इस व्यंजन का नाम नानबान-ज़ुके के उसी रिश्ते से पड़ा माना जाता है। यह मंत्रालय की व्याख्या है, कोई तय हो चुकी व्युत्पत्ति नहीं।
टार्टर के साथ या बिना: खाने के दो तरीक़े

इस लेख की रेसिपी टार्टर वाली शैली है: सॉस में केचप है, और कटा उबला अंडा, ताज़ा खीरा व कच्चा प्याज़ मेयोनीज़ में मिलाए जाते हैं।
MAFF एक सादा रूप भी दर्ज करता है, जिसमें मुर्ग़ी सिर्फ़ मीठे सिरके के सॉस के साथ खाई जाती है। यह व्यंजन की अलग धारा है, टार्टर शैली का शॉर्टकट या बिगड़ा रूप नहीं। ऊपर की तस्वीर उस शैली को सिर्फ़ उदाहरण के तौर पर दिखाती है; उसकी पूरी रेसिपी यहाँ नहीं दी गई है।
घर पर टार्टर छोड़ दें तो आप एक हिस्से के बिना यही रेसिपी बना रहे हैं, ऐसा नहीं — आप सिर्फ़ सॉस वाली शैली की ओर बढ़ रहे हैं। मुर्ग़ी, लेप और नानबान सिरका वही रहते हैं; सिर्फ़ टार्टर की सामग्री हटती है।
खाद्य सुरक्षा और बचा खाना
जापान का स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय (MHLW) चेताता है कि बाज़ार की मुर्ग़ी में कैंपिलोबैक्टर अक्सर मिलता है और अधपकी मुर्ग़ी के व्यंजनों से फ़ूड पॉइज़निंग आम है। रोगाणु मांस के भीतर तक पहुँच सकते हैं, इसलिए मंत्रालय मुर्ग़ी को बीच तक पकाने की सलाह देता है, और बीच का तापमान कम से कम 1 मिनट तक 75°C रहना इसका अंदाज़ा है। इस रेसिपी में यह जाँच 170°C के तेल के तापमान से अलग है, और तलने का कोई समय नहीं दिया गया है।
MHLW कच्चे मांस को फ्रिज में रखने और क्रॉस-कंटैमिनेशन रोकने की भी सलाह देता है: कच्चा मांस या उसका रस दूसरे खाने को न छुए — पके व्यंजन और कच्ची खाई जाने वाली सब्ज़ियाँ भी इसमें शामिल हैं। व्यवहार में इसका मतलब है कच्ची मुर्ग़ी के लिए अलग बोर्ड, प्लेट और चिमटा, और थाली की सब्ज़ियों को इनसे अच्छी तरह दूर रखना।
बचे खाने को रखने का समय या दोबारा गरम करने का तरीक़ा हम नहीं देते, क्योंकि इस लेख में जिन संदर्भों का इस्तेमाल हुआ है, उनमें इस व्यंजन या टार्टर सॉस के लिए कोई समय तय नहीं किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चिकन नानबान मियाज़ाकी में कहाँ से आया?
MAFF और मियाज़ाकी प्रान्त, दोनों नोबेओका की ओर इशारा करते हैं। MAFF इसे शोवा युग के 30 के दशक में एक रेस्तराँ के कर्मचारी-भोजन से शुरू हुआ बताता है; प्रान्त की पत्रिका लंदन रेस्तराँ को जड़ बताती है और नाओचान तथा ओगुरा की ओसे शाखा को मेन्यू पर लाने और टार्टर शैली बनाने का श्रेय देती है। दोनों विवरणों का ब्यौरा अलग है, इसलिए हम किसी एक आविष्कारक का नाम नहीं देते।
क्या चिकन नानबान में ब्रेडक्रम्ब्स लगते हैं?
इस रेसिपी में नहीं। मुर्ग़ी पर मैदा छिड़का जाता है, फेंटे अंडे का लेप लगता है और तला जाता है। ब्रेडक्रम्ब्स सामग्री में नहीं हैं।
क्या टार्टर सॉस के बिना भी यह चिकन नानबान ही है?
हाँ। MAFF सिर्फ़ मीठे सिरके के सॉस के साथ खाए जाने वाले रूप को टार्टर शैली के साथ-साथ व्यंजन की अपनी धारा के रूप में दर्ज करता है।
मुर्ग़ी को कितने मिनट तलें?
रेसिपी तलने का कोई समय नहीं देती, और कितना समय लगेगा यह मुर्ग़ी की मोटाई पर निर्भर है। 170°C तेल में तलें और खाने के थर्मामीटर से पुष्टि करें कि सबसे मोटे हिस्से का बीच कम से कम 1 मिनट तक 75°C रहे, MHLW के मार्गदर्शन के अनुसार।
क्या साथ में पत्तागोभी ज़रूरी है?
कोई ख़ास सब्ज़ी ज़रूरी नहीं। थाली सजाने का चरण सिर्फ़ इतना कहता है कि मुर्ग़ी सब्ज़ियों के साथ परोसें — किस्म या मात्रा नहीं बताता — इसलिए पत्तागोभी इस रेसिपी का हिस्सा नहीं है।
संदर्भ
- कृषि, वन एवं मत्स्य मंत्रालय (MAFF), "チキン南蛮 宮崎県 | うちの郷土料理" (चिकन नानबान, मियाज़ाकी प्रान्त | उचि नो क्योदो र्योरी)। रेसिपी मियाज़ाकी नो क्योदो र्योरी हेराशियो रेसिपी (मियाज़ाकी प्रान्त आहार-सुधार प्रोत्साहन परिषद) से। 2 लोगों की सामग्री, मात्राएँ और विधि; नोबेओका में जन्म और घरों, रेस्तराँओं व स्कूल भोजन में फैलाव; नाम की व्याख्या; टार्टर और सिर्फ़ सॉस वाली शैलियाँ; पहले मैदा फिर अंडे का लेप; और ब्रेस्ट व जाँघ की बात का आधार। https://www.maff.go.jp/j/keikaku/syokubunka/k_ryouri/search_menu/menu/chikin_nanban_miyazaki.html
- मियाज़ाकी प्रान्त, मियाज़ाकी अपील विभाग, त्रैमासिक पत्रिका जाजा, "チキン南蛮" (चिकन नानबान)। लंदन रेस्तराँ, नाओचान और ओगुरा की ओसे शाखा के प्रान्तीय विवरण, शोवा युग के 40 के दशक में फैलाव, और 2009 में नोबेओका की "चिकन नानबान का जन्मस्थान" घोषणा का आधार। https://www.pref.miyazaki.lg.jp/contents/org/shoko/appeal/jaja/19_03.html
- स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय (MHLW), वेब पत्रिका कोसेई रोदो, "お肉による食中毒の原因や予防方法について紹介します。" (मांस से होने वाली फ़ूड पॉइज़निंग के कारण और बचाव के तरीक़े)। मुर्ग़ी में कैंपिलोबैक्टर की चेतावनी, बीच का तापमान कम से कम 1 मिनट तक 75°C रखने का अंदाज़ा, और मांस को फ्रिज में रखने तथा क्रॉस-कंटैमिनेशन रोकने की सलाह का आधार। https://www.mhlw.go.jp/stf/web_magazine/closeup/08.html














