रमज़ान के ख़त्म होने के क़रीब की एक रात, रसोई की पूरी मेज़ ट्रे से भर जाती है। माँ आटा बेलती है, बेटियाँ खजूर की लेई को लंबी पट्टियों में सँवारती हैं, लपेटती हैं और काटती जाती हैं। ओवन से इलायची और मक्खन की मीठी ख़ुशबू बहने लगे तो पूरा घर ईद के स्वागत की हवा में लिपट जाता है। क्लेइचा (kleicha) खजूर भरी वह कुकी है जो इराक़ी घर उत्सव के दिनों में पकाते हैं।
ईद की पूर्व-संध्या, परिवार के साथ पकाई जाने वाली कुकी

लंदन में इराक़ी मिठाइयों की दुकान चलाने वाली अल-क़स्साब बहनें, मध्य-पूर्व की समाचार साइट Middle East Eye को दी अपनी रेसिपी में क्लेइचा को इराक़ की राष्ट्रीय कुकी कहती हैं। बहनों ने लिखा है कि धार्मिक अवसर हो या न हो, इराक़ के लोग किसी ख़ास दिन का जश्न मनाते हैं तो क्लेइचा के बिना नहीं रहते। उनके घर में रमज़ान के अंत के पास आते ही ईद के लिए क्लेइचा पकाई जाती थी, और मेहमान कितने भी हों, हर साल उतनी ही मात्रा बनती थी।
अमेरिका का स्मिथसोनियन फ़ोकलाइफ़ फ़ेस्टिवल भी क्लेइचा को पुरानी इराक़ी खान-पान परंपरा की कड़ी में खजूर की कुकी के रूप में पेश करता है। लेख बताता है कि इसका इतिहास प्राचीन बाबिल तक जाता है और यह रमज़ान के बाद के त्योहार ईद-उल-फ़ित्र पर बनने वाली मिठाई है। पर प्राचीन मिठाई और आज की क्लेइचा कैसे जुड़ती हैं, यह ठोस रिकॉर्ड से खोजा नहीं जा सकता। उत्पत्ति को इराक़ के लोगों द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती कहानी की तरह लें।
स्मिथसोनियन के लेख में आने वाला बग़दाद का अल-मुतवल्ली परिवार 1970 के दशक से अबू धाबी में क्लेइचा पकाता आया है और उसे रमज़ान तथा ईद के उपहार के रूप में देता रहा है। हर साल उपहार की मात्रा बढ़ती गई, और किसी-किसी साल यह 500 किलो तक पहुँच गई। गुज़र चुके परिजनों को याद करने के दिनों में भी वे यह मिठाई पकाकर बाँटते आए हैं।
मामूल से आटा अलग है

खजूर भरी मध्य-पूर्वी बेक की मिठाई कहें तो बहुत लोगों को लेबनान या सीरिया का मामूल याद आता है। अल-क़स्साब बहनों के अनुसार दोनों में सबसे बड़ा फ़र्क़ आटे में है। क्लेइचा के आटे में सूजी नहीं होती। आटे में ख़मीर मिलाने से वह पकने पर फूला और हल्का बनता है और खजूर की चिपचिपी मिठास को कोमलता से लपेट लेता है।
आकार में भी घर-घर के अपने तरीक़े हैं। परंपरा को सँभालने वाले लोग नक़्क़ाशीदार लकड़ी के साँचे में आटा दबाकर नमूना बनाते हैं। दूसरी ओर बहनें लिखती हैं कि आटा बेलकर खजूर लपेटना और काटना भी व्यापक रूप से स्वीकार्य है। कटे हिस्से में खजूर की सर्पिल परत दिखाने वाला यह रूप, साँचे के बिना, घर की रसोई में भी तुरंत बन जाता है। भरावन भी सिर्फ़ खजूर का नहीं होता। अखरोट, चीनी और इलायची; नारियल और चीनी; पिस्ता और गुलाबजल जैसे कई भरावन हैं, और एक ही घर में कई क़िस्में अलग-अलग पकाना आम है।
सामग्री (लगभग 40 के लिए)

सामग्री स्मिथसोनियन फ़ोकलाइफ़ फ़ेस्टिवल द्वारा पेश की गई अल-मुतवल्ली परिवार की रेसिपी (खजूर वाली) पर आधारित है। मूल रेसिपी अमेरिकी माप के कपों में लिखी है, इसलिए तौलने में आसानी के लिए उसे ml और g में बदला गया है। बनने वाली संख्या काटने के आकार के हिसाब से लगभग 30 से 50 तक बदलती है।
इलायची आटे और खजूर, दोनों में पड़ती है और क्लेइचा की ख़ुशबू का स्तंभ है। सिर्फ़ साबुत फलियाँ हों तो फलियों से काले बीज निकालकर खरल में पीसें और पाउडर के रूप में इस्तेमाल करें। खजूर के लिए सूखे, कड़े खजूर के बजाय उँगली से दबाने पर धँस जाने वाले नरम खजूर चुनें, तो लेई बनाने की मेहनत बहुत घट जाती है। कलौंजी स्मिथसोनियन के लेख और Middle East Eye की मसाला-विकल्प वाली जोड़ियों में नाम लिया गया स्वाद है, और सतह पर काले दाने दिखें तो रूप भी कसा हुआ लगता है।
खजूर की क़िस्म के हिसाब से मिठास और नमी काफ़ी अलग होती है। लेई इतनी कड़ी हो कि फैले नहीं, तो तेल 1 छोटा चम्मच (tsp) करके डालें और उसे हाथ से फैलाए जा सकने जितना नरम बना लें।
क्लेइचा बनाने की विधि
ओवन 190°C पर सेंकें। आटा बेलना शुरू करने से पहले प्रीहीट शुरू कर दें और ट्रे पर बेकिंग पेपर बिछा दें, तो आकार देते ही सेंका जा सकता है।
क्लेइचा में गेहूँ, अंडा और डेयरी (मक्खन) हैं। अखरोट या पिस्ते का भरावन बनाएँ तो मेवों की एलर्जी का भी ध्यान रखें। साथ ही, गरम खजूर की लेई में चीनी ज़्यादा होती है और हाथ पर लग जाए तो गरमी देर तक रहती है। बेलते समय बेकिंग पेपर के ऊपर से काम करें, और छूने पर गरम न लगे उस तापमान पर आने के बाद ही हाथ से सँभालें।
खजूर को देर तक पकाएँ तो नमी उड़कर वह कड़ा हो जाता है और सेंकने के बाद भीतर का भाग सूखा लगता है। स्मिथसोनियन की रेसिपी में भी लिखा है कि खजूर को सिर्फ़ नरम करना है, पकाना नहीं। उँगली से दबाने पर पिचकने लगे तो तुरंत आँच से उतार दें।
आटा लपेटते समय दरार रह जाए तो सेंकते समय खजूर और आटा अलग हो जाते हैं। लपेटने की पहली परत उँगली से कसकर दबाएँ और हवा निकालते हुए लपेटते जाएँ, तो कटे हिस्से की सर्पिल साफ़ उभरती है।
अखरोट या पिस्ते से अलग-अलग सेंकें

अल-मुतवल्ली परिवार की रेसिपी में खजूर के अलावा मेवों का भरावन भी दर्ज है। अखरोट या पिस्ते को बारीक कूटकर चीनी और गुलाबजल से स्वाद दिया जाता है। पिस्ते को आटे की छोटी गोली में लपेटकर गोल आकार दिया जाता है, अखरोट को आटे में लपेटकर अर्धचंद्र बनाया जाता है, और किनारे काँटे या उँगलियों से दबाकर बंद किए जाते हैं। आकार से ही भरावन पता चल जाए, यह अलग-अलग क़िस्में सेंकने की मज़ेदार युक्ति है।
उसी रेसिपी में चीज़ और तिल वाली बिना मीठी क्लेइचा भी बताई गई है। आटे में मोत्ज़ारेला और चेडर मिलाए जाते हैं, कटर से काटकर तिल छिड़के जाते हैं और 190°C पर 12–15 मिनट सेंके जाते हैं। चाय के समय मीठी और बिना मीठी साथ रखने पर हाथ अपने आप बढ़ने लगता है।
चाय या अरबी कॉफ़ी के साथ

अल-क़स्साब बहनें लिखती हैं कि क्लेइचा को गरम चाय या अरबी कॉफ़ी के साथ परोसना पुराना तरीक़ा है। इलायची की ख़ुशबू चाय और कॉफ़ी दोनों के साथ ख़ूब जमती है। ईद के मेहमानों की ख़ातिरदारी हो या रोज़ का चाय का समय, बड़ी प्लेट में ढेर लगाकर परोसें तो इराक़ी घर की बैठक जैसा माहौल बनता है।
आटे में खजूर लपेटने वाले लेबनान के मामूल के साथ सेंककर तुलना करें तो सूजी के भुरभुरे आटे और ख़मीरी आटे की फूली बनावट का फ़र्क़ अच्छी तरह समझ आता है। इराक़ी थाली को और जानना हो तो दजला की चीरकर भुनी मछली मासगूफ़ और मोसुल की चपटी कुब्बा मोसुल भी पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कितने दिन चलती है?
Middle East Eye की रेसिपी के अनुसार बंद डिब्बे में लगभग एक हफ़्ता चलती है। नमी वाले मौसम या गरम कमरे में जल्दी खा लें।
क्या फ़्रीज़ कर सकते हैं?
स्मिथसोनियन की रेसिपी के अनुसार क्लेइचा फ़्रीज़िंग के लिए ठीक है और ओवन या टोस्टर ओवन में दोबारा गरम की जा सकती है। Middle East Eye की रेसिपी में भी सिंकी क्लेइचा फ़्रीज़ करके कमरे के तापमान पर पिघलाने का तरीक़ा बताया गया है।
क्या बाज़ार की खजूर की लेई चलेगी?
चलेगी। Middle East Eye की रेसिपी बाज़ार की खजूर की लेई में इलायची मिलाकर इस्तेमाल करने पर आधारित है। कम मेहनत में बनाना हो तो खजूर की लेई में 1/2 छोटा चम्मच (tsp) इलायची मिलाकर लंबी पतली बेलन-सी बना लें और आटे में लपेटें।
क्या लकड़ी के साँचे के बिना बन सकती है?
बन सकती है। यहाँ बताया गया खजूर लपेटकर काटने का तरीक़ा साँचे के बिना चलता है। साँचा लें तो खजूर लपेटी आटे की गोली को साँचे में दबाएँ और हल्के से थपथपाकर निकाल लें।
संदर्भ
- Smithsonian Center for Folklife and Cultural Heritage, Michele Bambling and Rebecca Fenton, "Kleicha: Iraqi Date Cookies, Gifts of Memory," 21 मई 2020। 22 अक्टूबर 2026 को देखा और जाँचा गया। https://festival.si.edu/blog/kleicha-iraqi-date-cookies-gifts-of-memory
- Middle East Eye, Sura Al-Qassab and Nuha Al-Qassab, "How to make sweet date cookies from Iraq," 31 मई 2019। 22 अक्टूबर 2026 को देखा और जाँचा गया। https://www.middleeasteye.net/discover/how-make-sweet-cookies-kleicha-recipe-iraq










