चिकन कराआगे: थाली और बेंतो, दोनों के हिसाब से बना
चिकन पर मसाला दो बार लगता है। पहले नमक और नींबू के रस की हल्की मालिश, और फ्रिज में आराम। फिर सोया सॉस, मिरिन, लहसुन, अदरक, अंडा और काताकुरिको — सब उसी कटोरे में मले जाते हैं। टुकड़े लगभग 160 °C पर कुरकुरे होने तक तले जाते हैं।
कराआगे की ज़्यादातर रेसिपियाँ उस पल पर टिकी होती हैं जब टुकड़े तेल से निकलते हैं। यह रेसिपी आगे का भी सोचती है — जब कराआगे ठंडा हो चुका हो और टिफ़िन के डिब्बे में बैठा हो। यह नुस्ख़ा निहोनबाशी युकारी के शेफ़ किमियो नोनागा का है और शेफ़ गोहान (गुरुनावी) पर छपा है। शेफ़ बताते हैं कि चिकन में पहले नमक और नींबू मलने से वह ठंडा होने के बाद भी स्वाद बनाए रखता है, और इसी वजह से यह रेसिपी बेंतो के लिए कही गई है।
फ़र्क़ क्रम में है। यहाँ सब कुछ एक ही मैरिनेड में नहीं घोला जाता। पहले नमक और नींबू का रस जाता है, और चिकन फ्रिज में 1 से 6 घंटे आराम करता है। उसके बाद ही सोया सॉस, मिरिन, कद्दूकस लहसुन-अदरक, फेंटा अंडा और काताकुरिको एक साथ, उसी कटोरे में मले जाते हैं। पेज पर पकाने का समय लगभग 15 मिनट लिखा है, पर उसमें यह 1 से 6 घंटे का आराम शामिल नहीं। आराम का हिसाब अलग रखें — खाने का समय तय करके उससे पीछे की ओर गिनें। सेकाई गोहान ने इस रेसिपी को रसोई में आज़माया नहीं है।
उसी देश के दूसरे व्यंजनों के लिए देखें सेकाई गोहान पर जापानी खाना.
"कराआगे" के दायरे में क्या आता है, और यह थाली कौन-सी है
जापान कराआगे असोसिएशन कराआगे को बड़े दायरे में परिभाषित करता है। उसकी व्याख्या में कराआगे पकाने का ऐसा तरीक़ा या व्यंजन है जिसमें खाने पर गेहूँ का मैदा, काताकुरिको या ऐसा ही कोई स्टार्च हल्का-सा लगाकर तेल में तला जाता है। यह सिर्फ़ चिकन तक सीमित नहीं। यह असोसिएशन की अपनी परिभाषा है, कोई ऐसा नियम नहीं जिसे हर रसोइया मानता हो। यह लेख सीमित दायरे में रहता है: एक रेसिपी, चिकन जाँघ से।
शब्द का लिखित इतिहास यहाँ दिखाए व्यंजन से लंबा है। यासुशी मासुको का 2017 का एक शोधपत्र, जो मुख्य रूप से चीनी शैली के व्यंजन युरिंची पर है, अपने इतिहास वाले हिस्से में कराआगे को छूता है। वह फ़ुचा र्योरी शो (1772) में एक "कराआगे" का ज़िक्र करता है जो टोफ़ू था — तला हुआ, फिर सोया सॉस और साके में उबाला हुआ — और कहता है कि यह आज के चिकन कराआगे से अलग है। युको शिबुकावा के लेखन का हवाला देते हुए वह यह भी कहता है कि 1924 में छपी चिकन की एक पाक-पुस्तक में चिकन कराआगे का एक उदाहरण था। ये दस्तावेज़ बताते हैं कि शब्द किस तरह इस्तेमाल होता रहा। वे आज के व्यंजन की कोई एक जड़ साबित नहीं करते, और यह लेख ऐसा दावा नहीं करता।
एक ही नाम "चिकन कराआगे" वाली रेसिपियों से काफ़ी अलग थालियाँ बन सकती हैं। मिसाल के तौर पर किक्कोमान की घरेलू रसोई साइट पर दो लोगों वाला एक रूप है जिसमें 280 ग्राम चिकन जाँघ, 1 बड़ा चम्मच सोया सॉस और 2 छोटे चम्मच मिरिन लगते हैं। उस रेसिपी में चिकन से पानी निथारा जाता है, काताकुरिको छिड़का जाता है, और 140 °C पर 3 से 4 मिनट तलकर आँच 180–190 °C तक बढ़ाई जाती है ताकि सतह पूरी हो जाए। शेफ़ नोनागा की रेसिपी हर चरण पर अलग है: पहले नमक और नींबू, अंडा और काताकुरिको मांस में मला हुआ, और लगभग 160 °C पर लगभग 3 मिनट का एक ही तलना। दोनों तरीक़े यहाँ मिलाए नहीं गए हैं। नीचे सब कुछ सिर्फ़ नोनागा वाले रूप के मुताबिक़ है।
सामग्री (2 लोगों के लिए)

बर्तन और औज़ार
- चाकू, और कच्चे मांस के लिए अलग रखा तख़्ता
- ढक्कन या ढकने वाला कटोरा — फ्रिज में आराम और मिलाने, दोनों के लिए
- तलने का बर्तन
- टुकड़े तेल में उतारने के लिए चॉपस्टिक
- जाली वाला छन्ना, और निथारने के लिए ट्रे पर रखी जाली
- चिकन का बीच जाँचने के लिए खाद्य थर्मामीटर
- किचन पेपर
- बेंतो का डिब्बा, अगर टिफ़िन पैक करना हो
ख़रीदना और विकल्प
यहाँ सब कुछ रोज़मर्रा की जापानी किराने की चीज़ें हैं। किसी ख़ास दुकान की ज़रूरत नहीं। सोया सॉस, मिरिन या तलने के तेल का कोई ख़ास ब्रांड नहीं चाहिए, इसलिए जो रोज़ काम में लाते हैं वही लें।
काताकुरिको जापानी रसोई का स्टार्च है, इसलिए काताकुरिको लिखा हुआ पैकेट ढूँढें। इस रेसिपी में यही अकेला लेप है। इसमें गेहूँ का मैदा, कॉर्नस्टार्च या कोई और स्टार्च नहीं डाला जाता, और ऊपर से अलग सूखा छिड़काव भी नहीं होता। स्टार्च या मसाले बदलने पर नतीजा अलग आएगा, और स्वाद वैसा ही रहेगा इसकी कोई गारंटी नहीं।
लहसुन और अदरक की मात्रा चम्मच और वज़न, दोनों में दी है। जो नाप आपकी रसोई में सुविधा से हो, वही लें।
शुरू करने से पहले: कच्चे चिकन को सँभालना
चिकन को धोएँ नहीं। छपाकों से उठा पानी सिंक के आसपास फूड पॉइज़निंग करने वाले बैक्टीरिया फैला सकता है। मांस का रस चिपचिपा लगे तो किचन पेपर से थपथपाकर सुखा लें। कच्चे चिकन को दूसरे खाने से दूर रखें, ख़ासकर उन फल-सब्ज़ियों से जो कच्ची खाई जाती हैं। अलग तख़्ता और चाकू लें, या मांस सबसे आख़िर में काटें। कच्चा चिकन ऐसे रखें कि उसका रस बहे नहीं, और उसे दूसरे खाने से अलग रखें। कच्चे चिकन को छूने के बाद हाथ धोएँ, फिर तख़्ता, चाकू और मांस के संपर्क में आई हर चीज़ धोकर सैनिटाइज़ करें।
बनाने की विधि
लगभग 160 °C तेल का तापमान है, और लगभग 3 मिनट तलने का अंदाज़ा। इनमें से कोई भी यह तय नहीं करता कि हर टुकड़े का बीच पक गया है। उसके लिए देखें कि चिकन का बीच 75 °C या उससे ऊपर कम से कम 1 मिनट तक रहे।
अगर कुछ गड़बड़ हो
| स्थिति | क्या देखें | क्या करें |
|---|---|---|
| बीच 75 °C पर 1 मिनट तक न पहुँचा | टुकड़ों का आकार और बर्तन की हालत | पकाते रहें और सबसे मोटे टुकड़े को थर्मामीटर से दोबारा जाँचें |
| टुकड़े असमान पक रहे हैं | मांस कैसे कटा था | अगली बार पहले रेशे की दिशा में लंबाई के साथ 4 में काटें, फिर रेशे के आर-पार लगभग 3 सेमी के टुकड़े |
| आराम के लिए समय कम है | चरण 1 कब शुरू किया | चिकन फ्रिज में कम से कम 1 घंटा और ज़्यादा से ज़्यादा 6 घंटे रखें। कमरे के तापमान पर रखकर आराम कभी न घटाएँ |
| कटोरे में लेप लगा चिकन गीला लग रहा है | मैदा या अलग स्टार्च डाला गया या नहीं | जैसा है वैसा तलें, न निथारना न छिड़कना |
| चिकन धोना चाहते हैं | मांस पर चिपचिपाहट | धोएँ नहीं। उलटे किचन पेपर से थपथपाएँ |
| बेंतो में कराआगे से भाप उठ रही है | सीधे तेल से पैक किया गया या नहीं | पैक करने से पहले ठंडा होने दें |
दिन की योजना: थाली या बेंतो
फ्रिज में आराम इस रेसिपी में अकेला लंबा इंतज़ार है, इसलिए खाने के समय से पीछे की ओर हिसाब लगाएँ।
| चरण | कब | ध्यान दें |
|---|---|---|
| काटें, फिर नमक और नींबू का रस मलें | तलने से 1 से 6 घंटे पहले | कटोरा ढककर फ्रिज में रखें |
| मसाले, अंडा और काताकुरिको डालें | आराम के ठीक बाद | सब कुछ उसी कटोरे में मलें |
| लगभग 160 °C पर लगभग 3 मिनट तलें | जब पकाने के लिए तैयार हों | जाँचें कि बीच 75 °C पर कम से कम 1 मिनट तक रहे |
| परोसें, या बेंतो के लिए ठंडा करें | तलने के बाद | नींबू के साथ परोसें, या पैक करने से पहले ठंडा करें |
मेज़ पर नींबू अलग रखकर परोसें ताकि हर कोई तय कर सके कि कितना निचोड़ना है। बेंतो के लिए कराआगे ठंडा होने के बाद ही डिब्बे में जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस कराआगे में लेप किसका है?
शेफ़ नोनागा की रेसिपी में 5 बड़े चम्मच काताकुरिको और 1/2 फेंटा अंडा है। दोनों सोया सॉस, मिरिन, लहसुन और अदरक के साथ चिकन में मले जाते हैं। अलग से कोई छिड़काव नहीं और गेहूँ का मैदा नहीं। दूसरी रेसिपियाँ लेप अलग तरह से लगाती हैं। मिसाल के लिए किक्कोमान वाले रूप में चिकन से पानी निथारकर उस पर काताकुरिको छिड़का जाता है।
कितनी देर तलें?
रेसिपी लगभग 160 °C का तेल और लगभग 3 मिनट देती है, जब तक लेप कुरकुरा न हो जाए। यह पकाने का अंदाज़ा है, सुरक्षा का मानक नहीं। जापान का कृषि, वन एवं मत्स्य मंत्रालय और स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय, दोनों सलाह देते हैं कि चिकन बीच से 75 °C या उससे ऊपर कम से कम 1 मिनट तक पके। थर्मामीटर से जाँचें, और बीच कम रहे तो पकाते रहें।
नमक और नींबू के बाद चिकन को कितनी देर आराम दें?
फ्रिज में 1 से 6 घंटे। रेसिपी के पेज पर पकाने का समय लगभग 15 मिनट लिखा है, और उसमें यह आराम शामिल नहीं।
पहले नमक और नींबू क्यों?
शेफ़ नोनागा इसी पहले मसाले को वजह बताते हैं कि कराआगे ठंडा होने के बाद भी स्वाद बनाए रखता है। इसीलिए रेसिपी का पेज इसे बेंतो के लिए सुझाता है।
क्या इसे बेंतो के लिए बना सकते हैं?
हाँ। रेसिपी बेंतो के लिए अच्छी बताई गई है। कराआगे को पैक करने से पहले ठंडा होने दें।
कौन-सा तेल लें, और बचा कराआगे कितने दिन रखा जा सकता है?
रेसिपी तलने के तेल का न प्रकार बताती है न मात्रा, इसलिए जो हो वही, जितनी ज़रूरत हो उतनी लें। यह भंडारण की अवधि और दोबारा गरम करने का तरीक़ा भी नहीं देती, इसलिए यह लेख भी ये दोनों नहीं जोड़ता। पकाने के बाद के लिए सिर्फ़ इतना कहा गया है कि बेंतो में पैक करने से पहले कराआगे ठंडा हो जाए।
क्या कराआगे हमेशा चिकन ही होता है?
जापान कराआगे असोसिएशन की परिभाषा के हिसाब से नहीं। असोसिएशन कराआगे को तलने का तरीक़ा बताता है, जिसमें खाने पर मैदा, काताकुरिको या ऐसा ही स्टार्च हल्का लगाया जाता है, और कहता है कि यह चिकन तक सीमित नहीं। यह लेख सिर्फ़ चिकन जाँघ वाले रूप को कवर करता है।
क्या यह दो चरण में तले कराआगे जैसा है?
नहीं। कुछ रेसिपियाँ पहले कम तापमान पर तलती हैं और फिर ऊँचे तापमान पर पूरा करती हैं। किक्कोमान की रेसिपी ऐसा ही करती है — 140 °C पर, फिर 180–190 °C पर। यह रेसिपी लगभग 160 °C पर लगभग 3 मिनट का एक ही तलना लेती है। दोनों तरीक़े यहाँ नहीं मिलाए गए हैं।
संदर्भ
- शेफ़ गोहान (गुरुनावी), "鶏のから揚げ 野永 喜三夫シェフのレシピ" (चिकन कराआगे: शेफ़ किमियो नोनागा, निहोनबाशी युकारी की रेसिपी)। मुख्य रेसिपी: 2 लोगों के लिए, पकाने का बताया समय लगभग 15 मिनट, सारी सामग्री की मात्रा, कटाई, फ्रिज में 1–6 घंटे का नमक-नींबू आराम, दूसरा मसाला और लेप, लगभग 160 °C पर लगभग 3 मिनट तलना, नींबू के साथ परोसना, बेंतो पैक करने से पहले ठंडा करना, और शेफ़ का यह नोट कि पहला मसाला बेंतो के लिए क्यों सही है। https://chefgohan.gnavi.co.jp/detail/91
- किक्कोमान होम कुकिंग, "鶏のから揚げ【人気のしっかりしょうゆ味】" (रेसिपी: केइको इवासाकी)। सिर्फ़ तुलना के लिए इस्तेमाल की गई अलग रेसिपी: 280 ग्राम चिकन जाँघ, काताकुरिको का छिड़काव, और 140 °C तथा फिर 180–190 °C पर दो चरणों में तलना। इस रेसिपी की किसी मात्रा या चरण में इस्तेमाल नहीं। https://www.kikkoman.co.jp/homecook/search/recipe/00004682/
- जापान का कृषि, वन एवं मत्स्य मंत्रालय, "鶏料理を楽しむために~カンピロバクターによる食中毒にご注意を!!~"। चिकन का बीच 75 °C या उससे ऊपर कम से कम 1 मिनट तक पकाना; चिकन न धोना; किचन पेपर से रस थपथपाना; कच्चे मांस को दूसरे खाने से दूर और औज़ार अलग रखना या मांस आख़िर में काटना; कच्चा मांस ऐसे रखना कि रस बहे नहीं। https://www.maff.go.jp/j/fs/campylobacter.html
- जापान का स्वास्थ्य, श्रम एवं कल्याण मंत्रालय, "カンピロバクター食中毒予防について(Q&A)"। घर पर चिकन को बीच से 75 °C या उससे ऊपर कम से कम 1 मिनट तक पकाना; मांस के लिए औज़ार और डिब्बे अलग रखना; हाथ धोना; बर्तन धोकर सैनिटाइज़ करना। https://www.mhlw.go.jp/stf/seisakunitsuite/bunya/kenkou_iryou/shokuhin/syokuchu/campylobacterqa.html
- जापान कराआगे असोसिएशन, "唐揚げとは:唐揚げの定義"। असोसिएशन की यह परिभाषा कि कराआगे तलने का तरीक़ा या व्यंजन है जिसमें मैदा, काताकुरिको या ऐसा ही स्टार्च हल्का लगाकर तला जाता है, और यह चिकन तक सीमित नहीं। असोसिएशन का ही नज़रिया बताया गया है। https://karaage.ne.jp/whats/2011/01/karaage-teigi.html
- यासुशी मासुको, "謎の中華料理 油淋鶏," कोकुसाई-जोहो, खंड 2, अंक 1 (2017)। फ़ुचा र्योरी शो (1772) का टोफ़ू "कराआगे" और आधुनिक चिकन कराआगे से उसका फ़र्क़, और युको शिबुकावा के हवाले से 1924 की चिकन पाक-पुस्तक का उदाहरण। शोधपत्र मुख्य रूप से युरिंची पर है और चिकन कराआगे का पूरा इतिहास नहीं। https://www.jstage.jst.go.jp/article/kjoho/2/1/2_3/_pdf















