केले का पत्ता खोलते ही पीले चावल, मांस की करी, बैंगन और सीनी सम्बोल दिखाती श्रीलंका की लैम्प्राइस
तैयारी1 घंटे 20 मिनट
पकाने का समय1 घंटे 30 मिनट
कितने लोगों के लिए4 लोगों के लिए (4 पैकेट)
पाक शैलीश्रीलंकाई

लैम्प्राइस: केले के पत्ते में बेक होने वाला श्रीलंका का चावल और करी

श्रीलंका के डच बर्गर समुदाय की लैम्प्राइस: मांस के स्टॉक में पका चावल, तीन तरह के मांस की करी, बैंगन, सीनी सम्बोल और फ्रिकडेल, सब केले के पत्ते में लपेटकर बेक। विकल्प, इलाक़ाई फ़र्क़, लपेटने का तरीक़ा, रखना-गरम करना और गड़बड़ी सुधारना भी।

कुल समय: 2 घंटे 50 मिनटकठिनाई: कठिन

Cooking flow

बनाने की विधि

STEP 11 / 6

तीनों मांस उबालें और चावल के लिए स्टॉक बनाएँ

15 मिनट तैयारी + धीमी आँच पर 45–50 मिनट

मसालेदार स्टॉक में पकते बीफ़, पोर्क, चिकन और ख़ुशबूदार सब्ज़ियाँ
तीनों मांस उबालकर वह स्टॉक बनाएँ जो चावल और करी दोनों का आधार है
  • बीफ़, पोर्क और चिकन को 2 सेमी के टुकड़ों में काटें, और बर्तन में 150 ग्राम प्याज़, 20 ग्राम लहसुन, 20 ग्राम अदरक, 35 ग्राम घी या मक्खन और साबुत मसाले डालें।
  • मध्यम आँच पर मसाले और ख़ुशबूदार सब्ज़ियाँ 2–3 मिनट भूनें, फिर मांस डालकर लगभग 5 मिनट चलाएँ, जब तक ऊपर से रंग सफ़ेद न हो जाए।
  • 900 मि.ली. पानी, करी पत्ते, पांडन पत्ता, कुचली लेमनग्रास और 5 ग्राम नमक डालें। उबाल आने पर धीमी आँच पर 45–50 मिनट पकाएँ।
  • जब बीफ़ और पोर्क में बाँस की सींक बिना रुकावट घुस जाए और तरल थोड़ा कम हो जाए, तो मांस निकाल लें। सख़्त हो तो खौलता पानी डालकर धीमी आँच 10–15 मिनट और बढ़ाएँ।
  • बारीक छलनी से छानें और चावल के लिए 520 मि.ली. गरम स्टॉक नाप लें। मांस नरम हो जाए और स्टॉक में जली कड़वाहट न हो, तो यह चरण पूरा।
STEP 22 / 6

मांस के स्टॉक में चावल पकाएँ और दानों को आराम दें

30 मिनट भिगोना + 15–18 मिनट पकाना + 10 मिनट दम

दालचीनी और इलायची वाले बर्तन में स्टॉक सोखता चावल
चावल को मांस का स्टॉक सोखने दें और बीच में हल्का कच्चापन रखकर दम दें
  • 320 ग्राम बासमती या लंबे दाने का चावल धोकर 30 मिनट भिगोएँ और पानी निथार लें।
  • बर्तन में 20 ग्राम घी या मक्खन, दालचीनी, इलायची और लौंग डालकर मध्यम-धीमी आँच पर 1 मिनट गरम करें। चावल डालें और 2 मिनट भूनें, जब तक दानों पर हल्की चमक न आ जाए।
  • 520 मि.ली. गरम स्टॉक और 4 ग्राम नमक डालें। उबाल आने पर आँच धीमी करें, ढक दें और 15–18 मिनट पकाएँ।
  • जब पानी दिखना बंद हो जाए और दानों के बीच में हल्का-सा कच्चापन बचा हो, तब आँच बंद करें, और ढक्कन लगाए 10 मिनट दम दें।
  • बीच से दाना सख़्त लगे तो 2–3 बड़े चम्मच गरम स्टॉक डालें, ढककर 5 मिनट रखें। दाने अलग-अलग हों और चिपचिपे न हों, तो चावल तैयार।
STEP 33 / 6

मांस की करी गाढ़ी करें, बैंगन और केला अलग-अलग तैयार करें

करी 15 मिनट + बैंगन 20 मिनट + केला 15 मिनट

अलग-अलग बर्तनों में मांस की करी, इमली वाला बैंगन और तला कच्चा केला
अलग-अलग नमी वाली करी और साथी व्यंजनों का गाढ़ापन लपेटने से पहले अलग-अलग ठीक करें
  • निकाले हुए मांस में 20 ग्राम भुना करी पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, बचे मसाले और 150 मि.ली. छना स्टॉक डालें। मध्यम आँच पर उबाल लाएँ, फिर धीमी आँच पर 10–15 मिनट पकाएँ।
  • जब लकड़ी के चम्मच से बर्तन के तले पर बनी लकीर 2 सेकंड टिकी रहे और ग्रेवी मांस से लिपटे, तब रुकें। पतली हो तो मांस निकालकर मध्यम आँच पर 3–5 मिनट गाढ़ा करें।
  • 300 ग्राम बैंगन को 1.5 सेमी चौड़ा काटें और तेल में मध्यम आँच पर 5–7 मिनट तलें, जब तक रंग न आ जाए। 20 ग्राम इमली, 15 मि.ली. सिरका, 18 ग्राम गहरी चीनी, राई, 3 ग्राम नमक और 50 मि.ली. गरम पानी डालकर धीमी आँच पर 5 मिनट पकाएँ।
  • 400 ग्राम कच्चे केले को 1.5 सेमी मोटे टुकड़ों में काटें और तेल में मध्यम आँच पर 5 मिनट तलें। थोड़ा करी पाउडर, हल्दी, नमक और 50 मि.ली. पानी डालें, ढककर धीमी आँच पर 5–7 मिनट पकाएँ, जब तक सींक आर-पार न हो जाए।
  • बैंगन का रस और केले का पानी एक ही प्लेट में न बहने दें; लपेटने तक दोनों को अलग रखें।
STEP 44 / 6

सीनी सम्बोल और फ्रिकडेल बनाएँ

सीनी सम्बोल 20 मिनट + मीटबॉल 15 मिनट

अलग-अलग तैयार सुनहरा सीनी सम्बोल और मसालेदार फ्रिकडेल
खट्टे-मीठे-तीखे प्याज़ और मीटबॉल पत्ते में जाने से पहले पूरी तरह तैयार कर लें
  • सीनी सम्बोल के लिए 250 ग्राम लाल प्याज़, 8 ग्राम सूखी लाल मिर्च, 10 ग्राम अदरक, 10 ग्राम लहसुन, 20 ग्राम ब्राउन शुगर, 10 ग्राम मालदीव फ़िश, 15 मि.ली. लाइम का रस और 2 ग्राम नमक लें।
  • प्याज़ को तेल में मध्यम-धीमी आँच पर 15–18 मिनट भूनें, जब तक वह पारदर्शी से हल्का सुनहरा-भूरा न हो जाए और कलछी से बनाई लकीर आसानी से न भरे।
  • मिर्च, अदरक, लहसुन, मालदीव फ़िश और चीनी डालकर धीमी आँच पर 3 मिनट पकाएँ। आँच बंद करके लाइम का रस मिलाएँ। जलकर कड़वाहट न आने दें।
  • 200 ग्राम बीफ़ कीमा, अंडा, 25 ग्राम ब्रेडक्रंब, 50 ग्राम प्याज़, 5 ग्राम लहसुन, दालचीनी, सौंफ़, काली मिर्च और 3 ग्राम नमक मिलाकर लगभग 3 सेमी व्यास के 8 अंडाकार गोले बनाएँ।
  • मीटबॉल को मध्यम आँच पर तेल में घुमाते हुए 8–10 मिनट तलें, जब तक चारों ओर भूरे न हो जाएँ और काटने पर बीच में गुलाबीपन न बचे। मिश्रण एक-सा जुड़ा हो और बहुत चिपचिपा न हो, तो आकार देना आसान रहता है।
STEP 55 / 6

पत्ते गरम करें और 4 पैकेट में बराबर भरें

15–20 मिनट

गरम केले के पत्ते के बीच में चावल, मांस की करी, बैंगन, सीनी सम्बोल और मीटबॉल रखना
चारों तरफ़ जगह छोड़ें और हिस्सों को एक-दूसरे पर ढेर किए बिना बाँटें
  • केले के पत्ते धोकर पोंछ लें, और धीमी सीधी आँच या खौलते पानी के ऊपर कुछ-कुछ सेकंड रखकर गरम करें, जब तक वे लचीले और चमकदार न हो जाएँ। जलाकर छेद न करें।
  • हर पत्ते के बीच में लगभग 180 ग्राम चावल रखें। चारों ओर लगभग 120 ग्राम मांस की करी, लगभग 60 ग्राम बैंगन, लगभग 50 ग्राम केला, लगभग 25 ग्राम सीनी सम्बोल, 2 फ्रिकडेल, 1 छोटा चम्मच ब्लाचन और चाहें तो 1/2 अंडा रखें।
  • रसदार करी पत्ते के किनारों पर न रखें, और बीच के चावल पर बहुत न फैलाएँ। चारों तरफ़ कम से कम 5 सेमी जगह छोड़ें।
  • पत्ते के लंबे किनारे बीच की ओर मोड़ें, फिर छोटे किनारे नीचे दबाकर आयताकार बनाएँ। जोड़ नीचे की ओर रखें, और फटे पत्ते को दोहरा कर लें।
  • पत्ता लचीला और बिना फटा हो, किनारों से कुछ न गिरे और जोड़ बंद हो, तो पैकेट तैयार।
STEP 66 / 6

पैकेट 180°C पर बेक करें और खोलने से पहले आराम दें

10 मिनट प्रीहीट + 20–25 मिनट बेकिंग + 8 मिनट आराम

बेकिंग ट्रे पर जोड़ नीचे करके रखे केले के पत्ते के पैकेट
पैकेट 180°C पर बेक करें, और पत्ते के किनारों के रंग और बीच की गरमाहट से पकना पहचानें
  • ओवन 180°C पर प्रीहीट करें और पैकेट जोड़ नीचे करके बेकिंग ट्रे पर रखें।
  • 180°C पर 20–25 मिनट बेक करें। पत्ते के किनारे गहरे जैतूनी हरे हो जाएँ, पैकेट बीच तक गरम हो और ट्रे पर तरल न रिसे, तो सफल।
  • बेकिंग का समय बढ़ाकर पत्तों को ज़्यादा न जलाएँ। चावल सूखा निकले तो अगली बार लपेटने से पहले करी का रस छोटे चम्मच भर-भर कर मिलाएँ।
  • बेक होने के बाद 8 मिनट आराम दें। पत्ता खोलते समय भाप से जलने से बचने के लिए चेहरा पास न लाएँ।
  • पत्ते की ख़ुशबू उठे, पैकेट बीच तक गरम हो और चावल चिपचिपा न हो, तो तैयार।
  • हर पैकेट लगभग 15 सेमी का आयत बनाए रखे, कोने न खुलें और सिर्फ़ पत्ते के किनारे गहरे हों, तब ट्रे से निकालें।
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Ingredients

सामग्री

1 / 4

मांस की करी और मांस का स्टॉक

सामग्री मात्रा विकल्प और नोट
बीफ़ (कंधे का मांस) 200 ग्राम 2 सेमी के टुकड़े। कम चर्बी वाला, पकाने लायक़ टुकड़ा। पोर्क बढ़ाएँ तो भी कुल 600 ग्राम रखें
पोर्क (कंधे का मांस) 200 ग्राम 2 सेमी के टुकड़े। पोर्क न खाना हो तो चिकन लें, पर तीन-मांस वाली बनावट से हट जाएगा
बोनलेस चिकन थाई 200 ग्राम 2 सेमी के टुकड़े। चाहें तो खाल हटा दें
पानी 900 मि.ली. मांस के स्टॉक के लिए। ज़्यादा सूख जाए तो खौलता पानी डालें
प्याज़ 150 ग्राम पतले कटे। लाल प्याज़ भी चलेगा
लहसुन 20 ग्राम बारीक कटा
अदरक 20 ग्राम बारीक कटा
घी या बिना नमक का मक्खन 35 ग्राम Daily FT के बताए अनुसार मक्खन आधार है। घी से ख़ुशबू तेज़ होती है
दालचीनी 5 ग्राम 1 टुकड़ा, तोड़कर
इलायची 4 छिलके हल्के कूट लें
लौंग 4 जलने न दें
साबुत जीरा 4 ग्राम पिसा हो तो 2 ग्राम से शुरू करें
काली मिर्च 3 ग्राम दरदरी कुटी
साबुत धनिया 8 ग्राम दरदरा कुटा
सौंफ़ 3 ग्राम न हो तो चलेगा, पर मीठी ख़ुशबू कम होगी
हल्दी 3 ग्राम पिसी
लाल मिर्च पाउडर 2 ग्राम तीखापन कम चाहिए तो आधा करें
भुना करी पाउडर 20 ग्राम + थोड़ा मांस की करी में 20 ग्राम, केले में थोड़ा। श्रीलंका का भुना करी पाउडर; न मिले तो सामान्य करी पाउडर सूखी कड़ाही में भून लें
करी पत्ते 8 फ़्रोज़न भी चलेंगे। न मिलें तो छोड़ दें
पांडन पत्ता 10 सेमी हो तो ख़ुशबू मूल के क़रीब आती है, न हो तो भी बन जाएगा
लेमनग्रास 1 डंठल जड़ की तरफ़ से कुचलकर
नमक 8 ग्राम लगभग 5 ग्राम स्टॉक के लिए, 3 ग्राम करी के लिए
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स्टॉक में पका चावल

सामग्री मात्रा विकल्प और नोट
बासमती या लंबे दाने का चावल 320 ग्राम धोकर 30 मिनट भिगोएँ और पानी निथार लें। छोटे दाने वाले चावल के लिए 450 मि.ली. तरल से शुरू करें
अलग रखा मांस का स्टॉक 520 मि.ली. उबालकर इस्तेमाल करें। कम पड़े तो बिना नमक का गरम पानी मिलाएँ
घी या बिना नमक का मक्खन 20 ग्राम चावल भूनने के लिए
दालचीनी 3 ग्राम 1/2 टुकड़ा
इलायची 3 छिलके कूट लें
लौंग 2 चावल के लिए
पांडन पत्ता 5 सेमी स्टॉक में डाला हो तो छोड़ सकते हैं
नमक 4 ग्राम स्टॉक के नमक के हिसाब से कम करें
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बैंगन, कच्चा केला और सीनी सम्बोल

सामग्री मात्रा विकल्प और नोट
बैंगन 300 ग्राम 1.5 सेमी चौड़ी लंबी फाँकें। कम पानी वाले बैंगन आसान रहते हैं
कच्चा (हरा) केला 400 ग्राम 2। न मिले तो 350 ग्राम सख़्त आलू लें; बनावट बदल जाएगी
इमली का पेस्ट 20 ग्राम गोरका हो तो 10 ग्राम लें और खटास देखकर घटाएँ-बढ़ाएँ
राइस विनेगर 15 मि.ली. खट्टे-मीठे बैंगन के लिए। नींबू का रस भी चलेगा
ब्राउन शुगर या गुड़ जैसी गहरी चीनी 38 ग्राम बैंगन के लिए 18 ग्राम, सीनी सम्बोल के लिए 20 ग्राम
लाल प्याज़ 250 ग्राम पतले कटे, सीनी सम्बोल के लिए
सूखी लाल मिर्च 8 ग्राम बीज कम करें तो तीखापन घटेगा
मालदीव फ़िश के फ़्लेक्स 10 ग्राम 8 ग्राम कात्सुओबुशी (सूखी बोनिटो मछली के फ़्लेक्स) से काम चल सकता है, पर समुद्री ख़ुशबू बदल जाएगी
नींबू (लाइम) का रस 15 मि.ली. सीनी सम्बोल के लिए। सामान्य नींबू का रस भी चलेगा
अदरक और लहसुन 10 ग्राम हर एक सीनी सम्बोल के लिए, बारीक कटे
राई 2 ग्राम बैंगन के लिए। न हो तो चलेगा
खाने का तेल 50 मि.ली. बैंगन, केला और सीनी सम्बोल तलने के लिए। तेल ज़्यादा न बढ़ाएँ
नमक 7 ग्राम लगभग 3 ग्राम बैंगन, 2 ग्राम केला, 2 ग्राम सीनी सम्बोल
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फ्रिकडेल, ब्लाचन और लपेटने का सामान

सामग्री मात्रा विकल्प और नोट
बीफ़ कीमा 200 ग्राम पोर्क कीमा भी चलेगा। मीटबॉल के लिए
अंडा 1 मीटबॉल को बाँधने के लिए। अंडा न लेना हो तो 1 बड़ा चम्मच पानी और थोड़ा ज़्यादा ब्रेडक्रंब
ब्रेडक्रंब 25 ग्राम चावल के आटे वाले ब्रेडक्रंब से गेहूँ से बचा जा सकता है
प्याज़ 50 ग्राम बारीक कटा, मीटबॉल के लिए
लहसुन 5 ग्राम बारीक कटा, मीटबॉल के लिए
दालचीनी, सौंफ़, काली मिर्च 1 ग्राम हर एक मीटबॉल के लिए, बारीक कुटी
नमक 3 ग्राम मीटबॉल के लिए
सूखी झींगा पेस्ट या ब्लाचन 10 ग्राम झींगा से एलर्जी हो तो छोड़ दें। सिर्फ़ कात्सुओबुशी से वही स्वाद नहीं आता
केले के पत्ते 30 सेमी चौकोर 4 पत्ते + अतिरिक्त धोकर पानी पोंछ लें। न मिलें तो बटर पेपर + एल्युमिनियम फ़ॉयल
अंडे (वैकल्पिक) 2 सख़्त उबालकर आधे काटें; हर पैकेट में 1/2 अंडा
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रविवार की सुबह कोलंबो के आसपास दुकानों पर केले के पत्ते में लिपटे पैकेटों के ढेर लग जाते हैं। Daily FT के एक लेख के मुताबिक़ कुछ दुकानों पर रविवार सुबह ऑर्डर आते हैं और दोपहर से पहले सब बिक जाता है। इसे किसी एक दुकान की कहानी नहीं, बल्कि इस इलाक़े की खान-पान संस्कृति का एक दृश्य समझिए। बंद पैकेट को गरम करके थाली में पत्ता खोलते ही उठती भाप के नीचे मांस के स्टॉक में पका चावल और कई साथी व्यंजन दिखते हैं। लैम्प्राइस की ख़ासियत यह है कि चावल और साथी व्यंजन अलग-अलग बनते हैं। बर्तन ज़्यादा लगेंगे, यह मानकर चलिए; असली मज़ा आख़िर में सबको एक पैकेट में समेटने का है।

मेज़ पर रखे लैम्प्राइस के पैकेट, एक खुले पैकेट में चावल और साथी व्यंजन
खुले पत्ते के अंदर चावल, करी और साथी व्यंजन एक पैकेट में

पत्ता खोलें, तो अलग-अलग व्यंजन एक थाली बन जाते हैं

लैम्प्राइस सिर्फ़ मिला-जुला चावल नहीं है। Sri Lanka Tourism Promotion Bureau इसे चावल और साथी व्यंजनों को प्लांटेन के पत्ते में बेक करने वाली डिश बताता है और इसे डच विरासत भी कहता है। Explore Sri Lanka में दर्ज बनावट और ठोस है: मांस के स्टॉक में पका चावल, उसके साथ मांस की करी, मीटबॉल, ऐश प्लांटेन (कच्चा केला), सीनी सम्बोल और ब्लाचन जैसे कई साथी व्यंजन।

सब कुछ चावल में मिला दें तो हर कौर का स्वाद एक जैसा हो जाता है। करी, बैंगन और चावल अलग-अलग तैयार होकर लिपटते हैं, इसलिए मुँह में हर चीज़ की बनावट और ख़ुशबू अलग बनी रहती है। और पत्ते के अंदर आख़िरी बार गरम होना इन सबको धीरे से जोड़ देता है।

सिर्फ़ अंग्रेज़ी स्रोतों में ही नाम lamprais, lumprice और lump rice लिखा मिलता है। उत्पत्ति को भी किसी एक डच शब्द से तय नहीं किया जा सकता। Explore Sri Lanka एक व्याख्या यह भी देता है कि इंडोनेशिया का lempur और सिंहला का buth-mula, दो अलग लिपटे चावल के व्यंजन, आपस में घुल-मिल गए। नाम की अलग-अलग वर्तनी और लिपटे व्यंजनों का मेल देखकर लगता है कि किसी एक उत्पत्ति को पक्का न कहना ही इस डिश के ज़्यादा क़रीब है।

रोचक बात

lamprais, lumprice, lump rice: हर स्रोत में नाम अलग है। lempur और buth-mula वाली बात भी Explore Sri Lanka की दी हुई एक व्याख्या भर है, हर घर इसे ऐसे ही नहीं बताता। फिर भी हर व्याख्या में एक बात साझा है: यह पत्ते में लपेटकर साथ ले जाने लायक़ चावल की डिश है। यह रेसिपी भी उसी लिपटी बनावट पर टिकी है।

कोलंबो की बर्गर संस्कृति में बचा रहा पैकेट

अलग-अलग कटोरियों में चावल, तीन तरह का मांस, लाल प्याज़, केले के पत्ते और मसाले
कई संस्कृतियाँ और सामग्रियाँ एक लिपटी डिश में मिलती लैम्प्राइस

Explore Sri Lanka इस डिश को कोलंबो के आसपास की बर्गर महिला रसोइयों से जोड़ता है। The Spicery के अनुसार बर्गर समुदाय डच व्यापारियों और स्थानीय सिंहला महिलाओं के वंशज हैं। इसलिए लैम्प्राइस को सीधे "डच खाना" कहना सही नहीं है। ज़्यादा सटीक यह मानना है कि चावल, मांस, मसाले और पत्तों के इस्तेमाल से जुड़ी अलग-अलग खान-पान परंपराओं की समझ कोलंबो के आसपास की बर्गर खान-पान संस्कृति में घुल-मिल गई, और अलग-अलग व्यंजन एक पैकेट बन गए।

दुकान और घर के हिसाब से अंदर की चीज़ें बदलना स्वाभाविक है। Daily FT में ऐसी दुकानें दर्ज हैं जो मिले-जुले मांस की जगह चिकन लेती हैं, अंडा या ब्लाचन छोड़ देती हैं, या जिनके पैकेट का आकार अलग है। Explore Sri Lanka जिन क्लासिक हिस्सों का ज़िक्र करता है, वे हैं: मांस के स्टॉक वाला चावल, बीफ़-पोर्क-चिकन की करी, मीटबॉल, ऐश प्लांटेन, सीनी सम्बोल और ब्लाचन। यह रेसिपी इसी परंपरा पर चलती है, और तीन तरह का मांस एक उदाहरण भर है। अंडा वैकल्पिक है, और समुद्री ब्लाचन का विकल्प भी लिया जा सकता है। अंडे और ब्लाचन के विकल्पों और हर दुकान के अलग पैकेट के बीच, इसे घर के लिए बना एक ढाँचा समझिए।

रोचक बात

Daily FT में रविवार सुबह के ऑर्डर और गिने-चुने पैकेटों का जो ज़िक्र है, वह हर घर पर वैसे ही लागू नहीं होता। फिर भी The Spicery का बर्गर खाने का विवरण पढ़ें, तो समझ आता है कि मेहनत वाले चावल और साथी व्यंजनों को एक पैकेट में समेटने का क्या मतलब था। यह रोज़ के खाने और जश्न या मिलन के खाने के बीच की चीज़ लगती है।


सामग्री (4 लोगों के लिए, 4 पैकेट)

बीफ़, पोर्क, चिकन, चावल, साबुत मसाले, इमली, बैंगन, कच्चे केले, लाल प्याज़ और केले के पत्ते
लैम्प्राइस के लिए हर हिस्से की सामग्री पहले से अलग-अलग तैयार रखें

यह मात्रा 4 लोगों, यानी 4 पैकेट के लिए है। चावल 320 ग्राम, और मांस की करी के लिए तीन तरह का मांस: बीफ़, पोर्क और चिकन, हर एक 200 ग्राम। मांस को 900 मि.ली. पानी में उबालते हैं; उस स्टॉक का लगभग 520 मि.ली. चावल में जाता है और बाक़ी करी का गाढ़ापन ठीक करने में लगता है। यही मांस का स्टॉक चावल और करी दोनों की रीढ़ है। लपेटने के लिए केले के पत्ते कुछ ज़्यादा लें। मूल सामग्री और उनके विकल्प नीचे भूमिका के हिसाब से अलग-अलग तालिकाओं में हैं।

टिप

सारी मूल सामग्री जुटाना ज़रूरी नहीं। इमली खट्टे-मीठे बैंगन को फलों जैसी गोल खटास देती है, और गोरका न हो तो यहाँ यही मुख्य विकल्प है। केले के पत्ते ख़ुशबू भी देते हैं और पैकेट भी सँभालते हैं, पर न मिलें तो बटर पेपर और फ़ॉयल से भाप बनी रहती है। मालदीव फ़िश और ब्लाचन समुद्री चीज़ें हैं, और विकल्प से उनका स्वाद पूरी तरह नहीं आता; यहाँ जो आसानी से मिले, उसे प्राथमिकता देना ठीक है। सिर्फ़ एक बार बनाना हो, तो केवल इमली ख़रीदें और बाक़ी तालिका के विकल्पों से काम चलाएँ।

बैंगन में इमली का पेस्ट डालने से खटास में सिरके या नींबू के मुक़ाबले फलों जैसा स्वाद आता है, और मिठास के साथ उसका संतुलन बदल जाता है। दूसरे दक्षिण एशियाई व्यंजनों में भी इसका इस्तेमाल करना हो, तो ख़रीदना फ़ायदेमंद है। एक ही बार बनाना हो, नींबू और सिरके वाली खटास से काम चल जाए, या घर में पहले से हो, तो रहने दें।

सावधानी

ब्लाचन और मालदीव फ़िश में झींगा और मछली है। एलर्जी हो तो इन्हें छोड़ दें और विकल्पों के पैकेट पर सामग्री भी जाँच लें। फ्रिकडेल में अंडा और ब्रेडक्रंब हैं, इसलिए गेहूँ से बचना हो तो चावल के आटे वाले ब्रेडक्रंब लें। समुद्री चीज़ें छोड़ने पर भी डिश की बनावट बनी रहती है, पर समुद्री उमामी और ख़ुशबू नहीं आएगी। एक ही चाकू और चॉपिंग बोर्ड इस्तेमाल करें तो दूसरी सामग्री काटने से पहले धो लें। यह रेसिपी किसी ख़ास परहेज़ वाले आहार के लिए उपयुक्त होने की गारंटी नहीं देती।

बनाने की विधि: स्टॉक, चावल और साथी व्यंजन अलग-अलग तैयार करें

तीन तरह के मांस का बर्तन, स्टॉक में पका चावल, बैंगन और सीनी सम्बोल की कटोरियाँ
हर हिस्सा अलग तैयार करें, फिर आख़िर में केले के पत्ते में भरें

प्रक्रिया लंबी है, इसलिए क्रम याद रखना मददगार है: मांस और स्टॉक, चावल, करी और साथी व्यंजन, फ्रिकडेल, पत्ते गरम करके लपेटना, और आख़िर में 180°C पर बेक करना। तीन बातें ख़ास हैं: स्टॉक छानना, चावल का दाना-दाना अलग रखना, और लपेटने से पहले रस गाढ़ा करना। चावल और साथी व्यंजनों को रस में आपस में न मिलाएँ, और ज़्यादा पानी वाले हिस्सों का गाढ़ापन लपेटने से पहले ठीक कर लें।

टिप

लपेटने से ठीक पहले करी की चम्मच से रस लगातार बहता रहे, तो मांस निकालकर ग्रेवी गाढ़ी कर लें। पैकेट का जोड़ उठता रहे, तो पत्ता दोहरा करें या बटर पेपर और फ़ॉयल पर चले जाएँ। 180°C पर 20–25 मिनट बेक करना सिर्फ़ दोबारा गरम करना नहीं है; यह पत्ते के अंदर हर हिस्से की ख़ुशबू को एक करने का समय है। पर अगर हिस्से ठंडे भरे हों, तो पैकेट बीच तक गरम हुआ है या नहीं, ज़रूर जाँचें।

मसाले कूटने का सामान

स्टॉक और चावल के साबुत मसाले दरदरे कूटने पर अच्छी ख़ुशबू देते हैं। थोड़ी मात्रा को एक जैसे आकार में कूटना हो, तो छोटा स्पाइस ग्राइंडर काम का है, ख़ासकर अगर आप यह बार-बार करेंगे। खरल-मूसल या चाकू से भी काम चल जाता है, इसलिए एक बार बनाने के लिए कुछ ख़रीदने की ज़रूरत नहीं।

गड़बड़ हो जाए, तो लपेटने से पहले वाले हिस्से पर लौटें

लैम्प्राइस की करी, चावल, बैंगन और सीनी सम्बोल को अलग प्लेटों में रखकर ठीक करने वाला काउंटर
लपेटने से पहले हर हिस्से की नमी और नमक अलग-अलग ठीक किया जा सकता है

लपेटने के बाद सुधारने की कोशिश शायद ही काम करती है। सबसे छोटा रास्ता है उस हिस्से पर लौटना जिससे दिक़्क़त हुई। नियम है नमी लपेटने से पहले ठीक करें: करी पतली हो तो मांस निकालें, ग्रेवी मध्यम आँच पर 3–5 मिनट गाढ़ी करें और मांस वापस डालें। पत्ते में भरने के बाद गाढ़ा करेंगे तो चावल गल जाएगा।

चावल सख़्त हो, तो गरम स्टॉक से नरम करें। लपेटने से पहले 2–3 बड़े चम्मच गरम स्टॉक डालें, ढककर 5 मिनट दम दें। एक साथ ढेर सारा पानी न डालें। मांस सख़्त हो तो बिना नमक का खौलता पानी या स्टॉक डालकर धीमी आँच पर 10–15 मिनट और पकाएँ, जब तक नरम न हो जाए।

सीनी सम्बोल जल जाए, तो जला हिस्सा न मिलाएँ। जले तले को छुए बिना सिर्फ़ ऊपर का हिस्सा दूसरी प्लेट में निकाल लें। चीनी से कड़वाहट छिपाने की कोशिश अक्सर काम नहीं करती।

पत्ता फट जाए तो

जो पत्ते न मुड़ें, उन्हें कुछ सेकंड और गरम करें, पर आँच पर इतना न रखें कि काले पड़ जाएँ। छोटी दरार हो तो दूसरे पत्ते से दोबारा लपेटें और जोड़ नीचे रखें। बड़ा फटा हो तो अंदर बटर पेपर और बाहर फ़ॉयल लपेटकर बेक करें। पत्ते की ख़ुशबू नहीं आएगी, पर चावल और साथी व्यंजनों की बनावट बनी रहेगी।

नमक ज़्यादा हो जाए तो

ब्लाचन, मालदीव फ़िश और मांस का स्टॉक: तीनों का नमक मिल जाए, तो पैकेट खारा हो जाता है, इसलिए तीनों को एक साथ ज़्यादा न डालें। करी खारी हो जाए तो बिना नमक का स्टॉक थोड़ा-थोड़ा मिलाएँ, और बैंगन या चावल बढ़ाकर हर पैकेट में नमक बाँट दें। नींबू या सिरके से नमक छिपाने की कोशिश सिर्फ़ खटास बढ़ाती है, जो सीनी सम्बोल और बैंगन की भूमिका से टकराती है।

घर की रसोई में क्या बदलें, क्या न बदलें

केले के पत्ते, बटर पेपर और फ़ॉयल, इमली, कात्सुओबुशी और सूखे झींगे की तुलना
उपलब्धता को प्राथमिकता देते हुए भी, बचाए जाने वाले स्वाद और बदलने वाली ख़ुशबू को अलग समझें

सारी मूल सामग्री न मिले, तब भी लैम्प्राइस का ढाँचा बना रहता है; बस यह जान लेना अच्छा है कि क्या बदलेगा। ख़ुशबू बचाने वाले केले के पत्ते पैकेट भी सँभालते हैं और महक भी देते हैं। बटर पेपर और फ़ॉयल से भाप और आकार बने रहते हैं, पर पत्ते की ख़ुशबू नहीं आती। मालदीव फ़िश की जगह कात्सुओबुशी से उमामी मिलता-जुलता आता है, पर ख़ुशबू की दिशा अलग होती है। ब्लाचन की जगह सूखी झींगा पेस्ट समुद्री विकल्प के तौर पर खमीर वाली ख़ुशबू के क़रीब ले जाती है। एलर्जी या पैकेट पर लिखी सामग्री की चिंता हो, तो छोड़ देना बेहतर है। कच्चे केले की जगह सख़्त आलू लिया जा सकता है, पर आलू से बनावट बदलती है, और मिठास और रेशेदारपन अलग हो जाते हैं।

तीन मांस की जगह सिर्फ़ चिकन

बीफ़, पोर्क और चिकन के 200-200 ग्राम की जगह 600 ग्राम चिकन थाई ले सकते हैं। पर स्टॉक का भारीपन और तीनों मांस की बनावट बदल जाएगी, इसलिए यह इस क्लासिक-सी रेसिपी से अलग, घर का एक दूसरा रूप होगा। चिकन ज़्यादा पकने पर टूट जाता है, इसलिए स्टॉक बनाते समय चिकन को बाद के आधे हिस्से में डाल सकते हैं।

ब्लाचन और समुद्री चीज़ें छोड़ना

ब्लाचन और मालदीव फ़िश छोड़ने पर भी चावल, मांस की करी, बैंगन, सीनी सम्बोल, मीटबॉल और पत्ते का पैकेट बचे रहते हैं। कात्सुओबुशी या सूखे झींगे से बदलना पूरी नक़ल नहीं, बल्कि उमामी की कमी पूरी करने का तरीक़ा है। समुद्री चीज़ें पूरी तरह छोड़नी हों, तो विकल्पों के पैकेट पर सामग्री और उत्पादन लाइन की जानकारी भी देख लें।

पत्ता खोलें और चावल में थोड़ा-थोड़ा साथी व्यंजन मिलाएँ

मेज़ पर खुली लैम्प्राइस, पीला चावल, मांस की करी, बैंगन और मीटबॉल दिखाती
बंद पैकेट खोलें और खाते हुए चावल में साथी व्यंजन थोड़ा-थोड़ा मिलाएँ

बेक होने के बाद 8 मिनट आराम देना न भूलें। फिर थाली में पत्ता खोलें, तो चावल, मांस की करी, बैंगन, केला, सीनी सम्बोल और मीटबॉल अपनी-अपनी जगह दिखेंगे। एक-एक हिस्सा अलग से ख़त्म कर देना अफ़सोस की बात होगी। चावल पर थोड़ी करी रखें और एक चम्मच खट्टा-मीठा बैंगन या तीखा प्याज़ मिलाएँ, तो हर कौर में स्वाद नए सिरे से जोड़ने का मज़ा मिलता है। पत्ते की ख़ुशबू को सब पर हावी न होने दें; हर कौर में मांस के स्टॉक की गहराई, खटास, मीठा-तीखापन और समुद्री उमामी अलग-अलग पहचानने की कोशिश करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बंद लैम्प्राइस पैकेट, खुला पैकेट और छोटी कटोरियों में विकल्प सामग्री
सामग्री और लपेटने से जुड़े सवालों के जवाब, हिस्से-दर-हिस्से

केले के पत्ते न हों तो क्या बना सकते हैं?

हाँ। बटर पेपर में लपेटकर बाहर से फ़ॉयल से कस दें, तो भाप और आकार बने रहते हैं। केले के पत्ते की ख़ुशबू नहीं आएगी, इसलिए इसे घर पर वही ढाँचा बनाने का विकल्प समझें। सिर्फ़ फ़ॉयल में सीधे न लपेटें, ताकि खाना धातु को न छुए।

क्या एक ही तरह का मांस ले सकते हैं?

Daily FT में सिर्फ़ चिकन इस्तेमाल करने वाली दुकान का ज़िक्र है, इसलिए 600 ग्राम चिकन वाला रूप सही विकल्प है। फिर भी तीन-मांस वाले रूप की तुलना में स्टॉक का भारीपन और बनावट बदल जाएगी। सामग्री कम होने पर उसे "मूल जैसा ही" नहीं कहा जा सकता।

क्या मालदीव फ़िश की जगह कात्सुओबुशी चल सकती है?

8 ग्राम कात्सुओबुशी से समुद्री उमामी की कमी पूरी हो सकती है। पर ख़ुशबू, नमक और कटाई अलग होने से यह ब्लाचन या मालदीव फ़िश जैसा स्वाद नहीं देती। मछली से एलर्जी हो तो कात्सुओबुशी से भी बचें। उमामी ज़बरदस्ती जोड़ने की ज़रूरत नहीं।

क्या अगले दिन खा सकते हैं?

बनाने के बाद हिस्से और तैयार पैकेट दोनों उथले डिब्बों में रखकर जल्दी ठंडा करें। फ़्रिज में रखें, और खाते समय पत्ता न फटे इसलिए पैकेट ट्रे पर रखकर बीच तक अच्छी तरह गरम करें। देर तक कमरे के तापमान पर रखी चीज़ या जिसकी गंध या हालत अजीब लगे, उसे न खाएँ। कितने दिन रखा जा सकता है, यह घर के ठंडा करने और फ़्रिज की स्थिति पर निर्भर है, इसलिए यह लेख कोई तय दिन नहीं बता सकता।

तीखापन कम करने के लिए क्या घटाएँ?

पहले सूखी लाल मिर्च और लाल मिर्च पाउडर आधा करें। दालचीनी, इलायची, जीरा और काली मिर्च रहने दें। सीनी सम्बोल में भी मिर्च कम करें और प्याज़ व चीनी के मीठे-तीखेपन पर भरोसा रखें, ताकि मेज़ पर तीखापन जोड़ने की ज़रूरत न पड़े। तीखापन घटाने पर भी खटास, समुद्री उमामी और पत्ते की ख़ुशबू अलग-अलग बनी रहती हैं।

श्रीलंका के और व्यंजन

लैम्प्राइस के साथ अम्बुल थियल, कुकुल मस करी और हॉपर्स
खटास से मांस की करी और चावल के मुख्य भोजन तक फैलता श्रीलंका का खाना

लैम्प्राइस के बाद पढ़ने लायक़ तीन व्यंजन:

  • अम्बुल थियल (जापानी में): गोरका या इमली की खटास को मछली गाढ़ी पकाने वाली डिश में चखें।
  • कुकुल मस करी: श्रीलंका की चिकन करी अलग से बनाएँ और मांस की करी के मसालों को गहराई से समझें।
  • हॉपर्स: चावल और नारियल वाले नाश्ते की ओर बढ़ें, जो लिपटी डिश से अलग तरह का खाना है।

स्रोत

व्यंजन के हिसाब से रखे साबुत मसाले, इमली, लाल प्याज़ और केले के पत्ते
लैम्प्राइस की बनावट के पीछे की सामग्री और स्रोत