लवाश पर परोसा सिंका हुआ अदाना कबाब, साथ में सुमाक वाला प्याज़, भुने टमाटर और भुनी हरी मिर्च
तैयारी45 मिनट
पकाने का समय22 मिनट
कितने लोगों के लिए4 लोगों के लिए
पाक शैलीतुर्की व्यंजन

अदाना कबाब बनाने की विधि: तुर्की का चपटी सींख पर बना मेमने का कबाब

अदाना कबाब (Adana kebabı) बनाने की विधि: दक्षिणी तुर्की का वह कबाब, जिसमें मेमने का कीमा और चर्बी चपटी सींख पर चिपकाकर तेज़ आँच पर सेंका जाता है। सुमाक वाला प्याज़, आँच का अंदाज़ा, सींख से न गिरने वाला मिश्रण, भंडारण और उर्फ़ा कबाब से फ़र्क़।

कुल समय: 1 घंटे 7 मिनटकठिनाई: मध्यम

Cooking flow

बनाने की विधि

STEP 11 / 7

प्याज़ और लाल शिमला मिर्च का पानी निचोड़ें

10 मिनट

छलनी में प्याज़ का पानी निकालने और पीछे कीमा व जड़ी-बूटियाँ रखने का चरण
प्याज़ और लाल शिमला मिर्च का फ़ालतू पानी पहले निकाल दें तो मिश्रण सींख से कम गिरता है

आँच नहीं। लाल प्याज़ को पतला काटकर 1/4 छोटा चम्मच नमक लगाइए और 5 मिनट रखिए। निकला पानी हल्के से निचोड़कर सुमाक, नींबू का रस और कटा पार्सले मिलाइए और फ़्रिज में रख दीजिए। संकेत यह है कि पानी जैसी ड्रेसिंग न बचे, प्याज़ हल्का सिमटा हो और उँगलियों से उठाने पर आसानी से बिखर जाए। लाल शिमला मिर्च और मिश्रण वाली हरी मिर्च बारीक काटकर किचन पेपर में लपेटिए और पानी दबाकर सोख लीजिए। जब सब्ज़ियों की सतह गीली चमकती न दिखे और उँगली से पकड़ने पर बस नम लगे, तब रुकिए।

STEP 22 / 7

ठंडे मांस और चर्बी को चिपचिपा होने तक गूँधें

8 मिनट

धातु के कटोरे में मेमने का कीमा, चर्बी, मिर्च और जड़ी-बूटियाँ गूँधने का चरण
ठंडे कटोरे में गूँधकर मिश्रण में चिपचिपाहट लाएँ ताकि वह चपटी सींख पर आसानी से चिपके

आँच नहीं। फ़्रिज से निकाला मेमने का कीमा, कटी बीफ़ चर्बी, लाल शिमला मिर्च, हरी मिर्च, दरदरी लाल मिर्च, नमक और काली मिर्च धातु के कटोरे में डालिए। 2 बड़ा चम्मच ठंडा पानी मिलाकर हाथ या स्पैटुला से 4 से 5 मिनट गूँधिए। संकेत यह है कि मांस के दाने जुड़ जाएँ, कटोरे की दीवार पर चर्बी की पतली परत लगे, और उठाने पर मिश्रण धीरे-धीरे खिंचे। हाथ गरम हो जाएँ तो बीच में ठंडे पानी में डुबोकर आगे बढ़िए।

STEP 33 / 7

मिश्रण को फ़्रिज में आराम दें

30 मिनट

क्लिंग रैप से ढके मिश्रण को फ़्रिज में आराम देने का चरण, बग़ल में चपटी सींख और जड़ी-बूटियाँ
मिश्रण को ठंडा करके चर्बी कसने दें तो सींख पर चिपकाते समय कम बिखरता है

आँच नहीं। मिश्रण को कटोरे की तली में फैलाकर सतह से सटाकर क्लिंग रैप लगाइए और फ़्रिज में 30 मिनट आराम दीजिए। आराम से नमक पूरे मांस में फैलता है और चर्बी ठंडी होकर आकार देने लायक़ बनती है। फ़्रिज से निकालने पर सतह कसी हो और उँगली से दबाने पर निशान धीरे-धीरे लौटे, तब आगे बढ़िए। जल्दी हो तब भी 10 मिनट ज़रूर ठंडा करें।

STEP 44 / 7

मांस को चपटी सींख पर चिपकाएँ

12 मिनट

लकड़ी के बोर्ड पर चपटी सींखों पर चिपकाया मेमने का मिश्रण
गोल ढेर बनाने के बजाय चपटी सींख की चौड़ाई का इस्तेमाल करके मांस को पतला और कसकर चिपकाएँ

आँच नहीं। मिश्रण को 4 बराबर हिस्सों में बाँटिए और हाथ ठंडे पानी से गीले कीजिए। चपटी सींख की नोक से मूठ की ओर मांस को दबाते हुए 18 से 22 सेमी लंबी और लगभग 2 सेमी मोटी चपटी छड़ बनाइए। दोनों सिरे थोड़े पतले बंद कीजिए और बीच में उँगली से हल्की खाँच बनाइए। संकेत यह है कि मांस की सतह चिकनी हो और सींख उठाने पर वह नीचे न खिसके। दरार पड़े तो गीली उँगली से दबाकर जोड़ दीजिए।

STEP 55 / 7

ग्रिल पैन को तेज़ गरम करें और सब्ज़ियाँ भूनें

6 मिनट

गरम ग्रिल पैन पर टमाटर और हरी मिर्च भूनने का चरण, बग़ल में आकार दी हुई सींखें
सब्ज़ियाँ पहले भूनें और मांस रखने से पहले ग्रिल पैन को तेज़-मध्यम आँच तक गरम कर लें

कास्ट आयरन ग्रिल पैन को तेज़-मध्यम आँच पर 4 मिनट गरम कीजिए। सतह का तापमान 220 से 240 डिग्री सेल्सियस अंदाज़ा है। टमाटर को आड़ा आधा काटकर हरी मिर्च के साथ पहले रखिए और हर तरफ़ 2 मिनट भूनिए। जब टमाटर के कटे हिस्से पर गहरा भूरा रंग आ जाए, सोंधी महक उठे और हरी मिर्च का छिलका जगह-जगह काला पड़कर पिचक जाए, तब निकाल लीजिए। सब्ज़ियाँ पहले भून लें तो मांस सिंकने के बाद मेज़ को इंतज़ार नहीं करना पड़ता और चर्बी गरम रहते ही लपेटा जा सकता है।

STEP 66 / 7

सींखें सेंकें और बीच का तापमान देखें

12 मिनट

ग्रिल पैन पर चपटी सींख का मांस सेंकने का चरण, बग़ल में टमाटर और हरी मिर्च भी भुन रही हैं
तेज़-मध्यम आँच पर रंग बनाएँ और बीच का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस देखकर पकने की जाँच करें

आँच तेज़-मध्यम बनाए रखिए। सींखें ग्रिल पैन पर रखकर पहले 2 मिनट न छुएँ। जब मांस के नीचे गहरा भूरा निशान पड़ जाए, चर्बी छोटे बुलबुलों में उबलने लगे और सतह जमकर सींख से न हिले, तब पलटिए। हर तरफ़ 3 से 4 मिनट सेंकिए, फिर चिमटे से बग़लें सँभालकर 1-1 मिनट आँच दिखाइए। जब बीच का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस पहुँच जाए, दबाने पर मांस उछलकर लौटे और रिसता रस लगभग साफ़ हो, तब आँच बंद कीजिए। सतह जल जाए पर बीच कम पका हो तो आँच मध्यम कर दीजिए और हर तरफ़ 1 मिनट और सेंकिए।

STEP 77 / 7

लवाश में चर्बी समेटकर परोसें

7 मिनट

सिंकी मांस की सींख को लवाश पर आराम देते हुए, साथ में सुमाक वाला प्याज़ और भुनी सब्ज़ियाँ
सिंके मांस को लवाश पर रखें ताकि चर्बी और रस रोटी में उतर जाए, फिर मेज़ पर लाएँ

आँच धीमी कर दीजिए। लवाश को ग्रिल पैन या तवे पर हर तरफ़ 20 से 30 सेकंड गरम कीजिए, जब तक वह नरम होकर मुड़ने लगे। सिंकी सींख को लवाश पर रखकर सींख को धीरे से खींच लीजिए। रस लवाश पर टपक जाए तो सुमाक वाला प्याज़, भुना टमाटर, भुनी हरी मिर्च और नींबू साथ रखिए। लवाश सूखकर टूटता लगे तो गरम करने से पहले उँगलियों से लगभग 1/2 छोटा चम्मच पानी छिड़क दीजिए।

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Ingredients

सामग्री

1 / 2

कबाब का मिश्रण और परोसने की सामग्री

सामग्री मात्रा विकल्प और टिप्पणी
मेमने का कीमा 650 ग्राम दरदरा कीमा संभालना आसान है। सिर्फ़ बीफ़ लेने पर व्यंजन कुछ और बन जाता है
बीफ़ की चर्बी 50 ग्राम 5 मिमी के टुकड़ों में काटें। मेमने की कंधे की चर्बी ज़्यादा हो तो 30 ग्राम
लाल शिमला मिर्च 80 ग्राम बारीक काटकर पानी निचोड़ लें
हरी मिर्च या शिशितो मिर्च 1 (15 ग्राम) मिश्रण के लिए। तीखा पसंद न हो तो शिशितो
दरदरी लाल मिर्च 1 1/2 छोटा चम्मच कोरियाई दरदरी मिर्च, पुल बिबर या अलेप्पो पेपर
नमक 1 1/3 छोटा चम्मच (लगभग 8 ग्राम) मांस और चर्बी का लगभग 1.1%
काली मिर्च 1/2 छोटा चम्मच दरदरी
ठंडा पानी 2 बड़ा चम्मच सींख पर चिपकाते समय भी काम आता है
लवाश 4 पतली टॉर्टिया या पतला नान भी चलेगा
टमाटर 2 आड़ा आधा काटकर भूनें
हरी मिर्च या शिशितो मिर्च 8 साथ परोसने के लिए
नींबू 1 फाँकों में काटें
2 / 2

सुमाक वाला प्याज़

सामग्री मात्रा विकल्प और टिप्पणी
लाल प्याज़ 1 (160 ग्राम) आम प्याज़ हो तो 5 मिनट पानी में भिगोकर निचोड़ें
सुमाक 2 छोटा चम्मच न हो तो 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस और 1/2 छोटा चम्मच युकारी (लाल शिसो मसाला)
नींबू का रस 1 बड़ा चम्मच सुमाक हो तब भी डालें
इटैलियन पार्सले 15 ग्राम सादा पार्सले भी चलेगा
नमक 1/4 छोटा चम्मच प्याज़ के लिए
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रस को लवाश में समेटता अदाना का चपटी सींख वाला कबाब

रसोई में सजे चपटी सींख, मेमने का कीमा, लवाश, सुमाक, टमाटर और हरी मिर्च
अदाना कबाब सिर्फ़ मांस के मिश्रण का नाम नहीं है। चपटी सींख, लवाश, सुमाक वाला प्याज़ और भुनी सब्ज़ियाँ पहले से तैयार रखें तो पूरी थाली की शक्ल तय हो जाती है

रसोई में मेमने की चर्बी हथेली की गर्मी से नरम पड़ने लगती है, तो कबाब बनाने वाले को थोड़ी जल्दी सूझने लगती है। लाल मिर्च को बारीक काटिए, नमक मिले मांस को ठंडे कटोरे में गूँधिए, चपटी धातु की सींख पर चिपकाइए, और ग्रिल पैन पर रखते ही चर्बी चट से बोल उठती है। उस चर्बी को लवाश में समेटना और सुमाक लगे प्याज़ के साथ लपेटकर खाना ही अदाना कबाब (Adana kebabı) का असली मज़ा है।

"कबाब" सुनकर बहुत से लोगों को सड़क किनारे का डोनर कबाब याद आता है। अदाना कबाब घूमता हुआ मांस नहीं है। यह दक्षिणी तुर्की के अदाना इलाक़े का कीमे की सींख है, जिसमें हाथ से बारीक काटा मेमने का मांस और चर्बी चपटी सींख पर चिपकाकर सेंके जाते हैं। तुर्की के बाक़ी मांस के व्यंजनों में कोफ़्ते (जापानी में) घर के मीटबॉल जैसा है, लहमाजुन (जापानी में) में पतली रोटी पर मांस लगाया जाता है, और चाग कबाब (जापानी में) में मेमने को आड़ा सेंककर काटा जाता है। इन सबमें मांस काटने का तरीक़ा भी अलग है और खाने की रफ़्तार भी।

यह लेख स्थानीय विधि का दावा नहीं करता। यह घर की रसोई में बन सकने वाला घरेलू रूप है। मेमने की दुम की चर्बी की जगह बीफ़ की चर्बी और कोयले की आँच की जगह कास्ट आयरन ग्रिल पैन या ओवन का ग्रिल। पर कुछ बातें बनी रहनी चाहिए। गोल की जगह चपटी सींख लें। मांस का मिश्रण ठंडा करके गूँधें। सिंके मांस को लवाश या पतली टॉर्टिया में समेटें। साथ में सुमाक वाला प्याज़, भुने टमाटर और भुनी मिर्च परोसें। ये रेखाएँ बची रहें तो थाली में सिर्फ़ भुना कीमा नहीं, अदाना कबाब पहुँचता है।

नाम की वर्तनी

तुर्की में इसे Adana kebabı लिखा जाता है। हिंदी में "अदाना कबाब", "अडाना कबाब" जैसी कई वर्तनियाँ चलती हैं। इस लेख में पढ़ने की सहूलियत के लिए "अदाना कबाब" ही रखा गया है और तुर्की नाम सिर्फ़ पहली बार दिया गया है।

स्थानीय थाली और उर्फ़ा से फ़र्क़

सिंके कीमे की सींख को लवाश में लपेटकर सुमाक वाले प्याज़, भुने टमाटर और हरी मिर्च के साथ खाने का तरीक़ा
सिंके मांस को लवाश में लपेटें और सुमाक वाले प्याज़ व भुनी सब्ज़ियों से चर्बी की भारीपन को काटें। खाने का सार यही है

अदाना दक्षिणी तुर्की का शहर है, भूमध्य सागर से थोड़ा भीतर चुकुरोवा के मैदान में। गर्म इलाक़ा है, जो कपास और खेती के कारोबार के साथ बढ़ा, और यहाँ के मांस के व्यंजन खुली आग और बाज़ार की हलचल के साथ याद किए जाते हैं। Adana kebabı एक जगह का नाम ढोता है। वहाँ इसे मेमने का मांस, दुम की चर्बी, लाल मिर्च और नमक से, चौड़ी लोहे की सींख पर चिपकाकर कोयले की आँच पर सेंकी जाने वाली चीज़ के रूप में जाना जाता है। 2000 के दशक में अदाना वाणिज्य मंडल के ज़रिए भौगोलिक पहचान की चर्चा भी उठी थी, और जब कोई दुकान "असली अदाना" का दावा करती है तो मांस, सींख, सेंकने का तरीक़ा और परोसने का ढंग तक बारीकी से देखा जाता है।

घर में बनाते समय पंजीकरण की शर्तें रटना ज़रूरी नहीं है। कई जगह दुम की चर्बी आसानी से नहीं मिलती और घरेलू चूल्हे पर बलूत की लकड़ी के कोयले की आँच दोहराना कठिन है। इसलिए कम चर्बी वाले मेमने से बिखरा-सूखा कबाब बनाने के बजाय मेमने के कीमे में थोड़ी बीफ़ की चर्बी मिलाना, मिश्रण को ठंडा करके चपटी सींख पर कसकर चिपकाना ज़्यादा व्यावहारिक है। चर्बी की क़िस्म और आँच का स्रोत बदला जा सकता है। मेमने की महक, लाल मिर्च का तीखापन, चपटी सींख का आकार, और सुमाक वाले प्याज़ व लवाश के साथ खाने का क्रम बदलने से बचें।

अक्सर साथ में एक और नाम आता है: उर्फ़ा कबाब। इस्तांबुल की दुकानों में आमतौर पर समझाया जाता है कि "अदाना तीखा होता है, उर्फ़ा नहीं", जो याद रखने में आसान फ़र्क़ है। पर स्थानीय पुराने क़िस्सों में अदाना के आसपास के कीमे की सींखों में भी बारीक फ़र्क़ मिलते हैं, इसलिए सिर्फ़ मिर्च से भेद पूरा नहीं होता। घर में उलझन हो तो पहले अदाना की पहचान यों मानिए: मेमने की चर्बी, चपटी सींख, तेज़ भुनाई, लाल मिर्च और सुमाक वाला प्याज़। ऐसे चूक कम होती है। सिर्फ़ तीखापन बढ़ाने से मांस की मिठास दब जाती है, इसलिए ख़ुशबूदार दरदरी मिर्च लें और शुरुआत कम तीखेपन से करें।

खाने का ढंग भी व्यंजन का हिस्सा है। थाली में सिर्फ़ मांस रखें तो वह चर्बी वाली कीमे की सींख बनकर रह जाती है। लवाश बिछाइए, भुना टमाटर मसलकर लगाइए, सुमाक वाला प्याज़ रखिए और गरम मांस लपेट लीजिए। पास में ठंडी ऐरान (नमकीन दही का पेय) या सोडा वाटर रखिए। मुँह में बारी-बारी चर्बी, खटास और भुनी हरी मिर्च की हरी ख़ुशबू आती है, तब समझ आता है कि अदाना कबाब "मांस भूनने का व्यंजन" नहीं, बल्कि "रोटी और सब्ज़ी से मांस को सँभालने वाली थाली" है।

रेस्तराँ में परोसे अदाना कबाब की कल्पना करें तो ऑर्डर का रूप भी घरेलू प्लेटिंग तय करने में मदद करता है। प्लेट में सींख, लवाश और भुनी सब्ज़ियाँ सजी porsiyon (थाली) की शक्ल में परिवार की मेज़ पर बाँटना आसान है। पतली रोटी में लपेटा dürüm (दुरुम) रूप रस को बचाए रखता है और रसोई में सिंकते ही खाया जा सकता है। दोनों में नायक सींख ही है, पर हाथ असल में रस सोखी रोटी, खटास ओढ़े प्याज़ और पके टमाटर की ओर बढ़ते हैं।

अदाना के आसपास की थाली में तीखेपन की बात पहले होती है। पर घर में दोहराते समय पहले यह तय कीजिए कि चर्बी को कैसे सँभालेंगे, तीखेपन की मात्रा बाद की बात है। मेमने की चर्बी ठंडी होने पर भारी लगती है, इसलिए सिंके कबाब को प्लेट में इंतज़ार न कराएँ, तुरंत गरम किए लवाश पर रख दें। प्याज़ को मांस के नीचे बिछाने के बजाय बग़ल में रखें, ताकि खाने वाला हर कौर के साथ जोड़ सके। भुना टमाटर रोटी पर मसलकर लगाने की छोटी चटनी का काम करता है।

परोसने का ढंग कब ठीक रहता है घर में क्या बचाए रखें
प्लेट में परिवार के साथ बाँटकर रात का खाना रस सँभालने के लिए नीचे लवाश बिछाएँ
दुरुम की तरह सिंकते ही खाया जाने वाला दोपहर का खाना मांस को तोड़ें नहीं, लंबा ही लपेटें
बड़ी थाली में साथ में एज़मे और पियाज़ भी परोसने पर खट्टी साइड डिश मांस के पास रखें

उर्फ़ा से तुलना भी सिर्फ़ एक बात, तीखेपन, पर छोड़ दें तो ख़रीदारी के फ़ैसले धुँधले पड़ जाते हैं। अदाना को ऐसा व्यंजन समझिए जो लाल मिर्च की ख़ुशबू उभारता है, चर्बी वाले मांस को चपटी सींख पर सेंकता है और प्याज़ व रोटी से सँभालता है। उर्फ़ा के क़रीब जाना हो तो तीखापन घटाइए, पर मिश्रण को ठंडा करने का तरीक़ा, सींख की चौड़ाई और सिंके मांस को रोटी में सँभालने का क्रम भी स्वाद तय करते हैं। मिर्च बढ़ाने से पहले जाँच लें कि चर्बी, खटास और रोटी, तीनों मौजूद हैं। तब तीखापन अकेला उभरी हुई सींख नहीं बनेगा।

स्थानीय रेखा और घर में हमारी रेखा

अदाना कबाब ऐसा व्यंजन है जिसका सिर्फ़ नाम उधार लेकर मनचाहे ढंग से बनाना थोड़ा नाज़ुक काम है। Adana kebabı जगह का नाम ढोता है और स्थानीय स्रोतों में जवान मेमने का मांस, दुम की चर्बी, चौड़ी लोहे की सींख, कोयले की आँच, और लवाश व प्याज़ के साथ परोसने का रूप तक बताया जाता है। फिर भी घर में दुम की चर्बी या लंबी ख़ास सींख के लिए भटकना ज़रूरी नहीं। घरेलू रूप में अहम यह नहीं कि स्थानीय शर्तें पूरी हों, बल्कि यह कि कौन-सा बदलाव व्यंजन का ढाँचा तोड़ता है और कौन-सा नहीं।

पहली बात, कीमे को सिर्फ़ गोल न बनाइए। कोफ़्ते (जापानी में) अंडाकार टिक्की या मीटबॉल के रूप में घर में स्वादिष्ट है, पर अदाना कबाब चपटी सींख पर पतला चिपकाया जाता है, ताकि मांस और चर्बी सेंकने वाली सतह के पास रहें। गोल सींख या हैमबर्गर के आकार में स्वाद पास रहे तब भी खाने की लय बदल जाती है। मेमने की महक भी बचाएँ। मेमना पसंद न हो और सिर्फ़ बीफ़-पोर्क लें तो तीखे भुने कीमे की तरह खाना आसान हो जाता है, पर अदाना के मांस के व्यंजन से दूरी बढ़ जाती है। पहली बार आधा मेमना और आधा बीफ़ ठीक रहता है; आदत पड़ने पर मेमना बढ़ाइए।

दूसरी बात, थाली को सिर्फ़ मांस पर ख़त्म न कीजिए। अदाना कबाब की चर्बी लवाश, भुने टमाटर, भुनी हरी मिर्च और सुमाक वाले प्याज़ में समेटने पर ही खाने लायक़ बनती है। ख़ासकर सुमाक मांस में ढेर मात्रा में मिलाने वाला मसाला नहीं है; यह प्याज़ पर लगाई जाने वाली वह खटास है जो चर्बी को काटती है। चाग कबाब (जापानी में) भी सुमाक वाले प्याज़ के साथ खाया जाता है, पर वह पतले टुकड़ों को आड़ा सेंककर काटने वाला व्यंजन है। अदाना कबाब में मांस गूँधा जाता है, इसलिए चर्बी ज़्यादा जमी रहती है। प्याज़ में कंजूसी न करें तो पूरी थाली कसी रहती है।

तत्व स्थानीय रूप घरेलू रूप में फ़ैसला
मांस मेमने का मांस और दुम की चर्बी हाथ से बारीक कटी मेमने का कीमा, थोड़ी बीफ़ की चर्बी। सिर्फ़ बीफ़-पोर्क न लें
सींख चौड़ी लोहे की सींख पर पतला चिपकाना चपटी सींख लें। न हो तो दो धातु की सींखें बग़ल-बग़ल रखें
आँच कोयले की तेज़ आँच कास्ट आयरन ग्रिल पैन या ओवन के ग्रिल को ख़ूब गरम करें
तीखापन लाल मिर्च और मिर्च की ख़ुशबू सिर्फ़ बारीक मिर्च पाउडर से तीखा न करें; ख़ुशबू के लिए दरदरी मिर्च लें
खाने का ढंग लवाश, भुनी सब्ज़ियाँ, सुमाक वाला प्याज़ सिर्फ़ मांस न परोसें; रोटी और खटास एक ही थाली में रखें

घर में सबसे ज़्यादा छूट कोयले की आँच पर दी जा सकती है। कोयले की ख़ुशबू आकर्षक है, पर घरेलू चूल्हे पर ज़बरदस्ती धुआँ उठाने से बेहतर है ग्रिल पैन को ख़ूब गरम करना और पहले 2 मिनट मांस को न छूना। इसके उलट चपटी सींख और खाने के ढंग पर ज़्यादा छूट न दें। चपटी सींख मांस को आकार देने में मदद करती है, लवाश रस को सँभालता है और सुमाक वाला प्याज़ चर्बी को काटता है। ये तीनों हों तो घरेलू सेंक में भी "अदाना कबाब बनाया" का संतोष रहता है।

सींख की चौड़ाई स्वाद में उतना ही फ़र्क़ डालती है जितना दिखता है। पतली गोल सींख पर मांस मोटा चिपकाएँ तो बीच मोटा हो जाता है, बाहर ही तेज़ सिंकता है और भीतर कसा रह जाता है। चपटी सींख पर पतला चिपकाएँ तो मांस और चर्बी सेंकने वाली सतह के पास रहते हैं, और ऊपर की सोंधी महक व भीतर का रस एक ही कौर में आते हैं। ख़ास सींख न हो तो दो धातु की सींखें बग़ल-बग़ल रखने का मक़सद यही पतलापन बनाना है। यानी सींख कबाब की तरह छोटी गोलियाँ बनाना आसान तो है, पर अदाना कबाब के खाने के एहसास से दूर ले जाता है।

एक और रेखा मिश्रण गूँधने के तरीक़े की है। यह हैमबर्गर की तरह प्याज़ या ब्रेडक्रम्ब मिलाकर नरमी लाने से अलग है: नमक से मांस की चिपचिपाहट निकाली जाती है, चर्बी को बारीक बिखेरा जाता है, फिर ठंडा करके सींख पर चिपकाया जाता है। इसे निभाएँ तो घर के ग्रिल पैन पर भी मांस सींख से चिपका रहकर रंग पकड़ता है। बाइंडर से जोड़ने की कोशिश करें तो सेंकते समय पानी निकलता है और लवाश में समेटने लायक़ चर्बी की ख़ुशबू फीकी पड़ जाती है।

थाली के लिए, तुर्की की एज़मे और पियाज़ (जापानी में) जैसी खट्टी साइड डिश रखने से मांस की ताक़त अकेली नहीं उभरती। चावल की तरफ़ झुकना हो तो ईरान का चेलो कबाब (जापानी में), जिसमें चावल और मांस साथ आते हैं, एक संदर्भ हो सकता है। पर अदाना कबाब में पहले पतली रोटी से रस सँभालना व्यंजन के रूप से ज़्यादा मेल खाता है।

सामग्री: दुम की चर्बी की जगह बीफ़ की चर्बी, मिर्च ख़ुशबू से चुनें

मेमने का कीमा, प्याज़, पार्सले, सुमाक, टमाटर, हरी मिर्च, लवाश और चपटी सींख रखी सामग्री
मेमने का कीमा, चर्बी, मिर्च और नमक तय करें, फिर सुमाक वाले प्याज़ और भुनी सब्ज़ियों के साथ खाने की तैयारी करें

पारंपरिक विधि में मेमने के मांस और दुम की चर्बी को zırh नाम के बड़े अर्धचंद्राकार चाकू से काटने की बात अक्सर आती है। घर में दरदरा पिसा मेमने का कीमा चलेगा। बहुत बारीक कीमा सॉसेज की तरह ठस हो जाता है और बहुत मोटा हो तो सींख से गिर जाता है। क़साई से बनवा सकें तो दरदरा कहिए; पैक वाला लें तो वह जिसमें थोड़ी चर्बी दिखे।

बीफ़ की चर्बी "स्थानीय सामग्री" नहीं है, पर घर में वह दुम की चर्बी की जगह लेकर मांस को सूखने से बचाती है। छोटे पैक वाली बीफ़ चर्बी को काटकर डालें तो मेमने की महक दबती नहीं और मिश्रण में चिपचिपाहट आती है। ज़्यादा डालने पर सेंकते समय लौ उठती है और कबाब चिकना हो जाता है, इसलिए मांस के दसवें हिस्से से थोड़ा कम पर रुकें।

मेमना ख़रीदने में उलझन हो तो पहले देखिए कि कीमा मिलेगा या टुकड़ा, जिसे आप काट सकें। क़साई या हलाल दुकान से दरदरा कीमा बनवाना सबसे आसान है। सुपरमार्केट में सिर्फ़ पतले कटे टुकड़े हों तो चाकू से बारीक काटिए या फ़ूड प्रोसेसर थोड़ी देर चलाइए। पर पूरा लेई जैसा न करें; वैसा करने पर सॉसेज की तरह ठस होकर अदाना कबाब के दानेदार स्वाद को खो देता है। ब्लेड चलाएँ तो एक-एक सेकंड, कई बार, और जब मांस के दाने चावल से लेकर छोटी राजमा तक के रह जाएँ तब रुकें।

सिर्फ़ लाल (बिना चर्बी वाला) मेमने का कीमा ज्यों का त्यों न लें। सेंकते समय पानी निकल जाता है और सींख से अलग न हो तब भी निवाला सख़्त लगता है। मेमने में चर्बी कम हो तो बीफ़ की चर्बी मिलाइए; कीमे में चर्बी ज़्यादा दिखे तो बीफ़ की चर्बी घटाकर 30 ग्राम कर दीजिए। बीफ़-पोर्क का मिला कीमा आसानी से मिलता है, पर उसकी मीठी चर्बी की महक आगे आ जाती है और दक्षिणी तुर्की की मेमने की सींख से दूर ले जाती है। लेना ही पड़े तो मेमना आधे से ज़्यादा रखें और बीफ़-पोर्क को महक नरम करने वाले सहायक की तरह लें।

सामग्री (4 लोगों के लिए)

एलर्जी और खाद्य सुरक्षा

इस व्यंजन में मेमने का मांस है। लवाश और टॉर्टिया में गेहूँ होता है। कच्चे मांस को छूने वाले कटोरे, चॉपिंग बोर्ड, सींख और चिमटे को सिंके कबाब के लिए इस्तेमाल होने वालों से अलग रखें। कीमे में सतह पूरे मिश्रण में मिल जाती है, इसलिए घर में बीच का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस रखें और सिर्फ़ रंग देखकर फ़ैसला न करें।

ख़रीदारी: चपटी सींख, सुमाक और थर्मामीटर पहले देखें

चपटी सींख, ग्रिल पैन, सुमाक, मसाले और लवाश रखे ख़रीदारी के औज़ार
चपटी सींख, सुमाक, ग्रिल पैन और बीच का तापमान मापने वाला थर्मामीटर हो तो घर में अदाना कबाब का आकार और सिंकाई परखना आसान हो जाता है

अदाना कबाब की ख़रीदारी में सबसे मुश्किल चीज़ मांस नहीं, सींख है। गोल बाँस की सींख या पतली धातु की सींख पर मिश्रण घूम जाता है और सेंकने वाली सतह पर निशाना नहीं लगता। चौड़ी धातु की सींख पर मांस के चिपकने की सतह बड़ी होती है और पलटते समय वह कम टूटता है।

सुमाक मांस में ढेर मात्रा में मिलाने का मसाला नहीं है। यह प्याज़ पर छिड़की जाने वाली वह खटास है जो मेमने की चर्बी को काटती है। अकेला नींबू भी काम चला देता है, पर सुमाक की सूखी लाल खटास लवाश में लपेटने पर स्वाद की रूपरेखा कस देती है।

बीच का तापमान मापने वाला थर्मामीटर घरेलू रूप में भरोसे का साधन है। कोयले वाली दुकान में कारीगर मांस की कसावट और रंग से परखता है, पर घर के ग्रिल पैन की आँच एकसमान नहीं होती। बाहर से सिंका दिखने पर नहीं, सबसे मोटे हिस्से को नापिए, तो बच्चों और बुज़ुर्गों को परोसना भी ज़्यादा सुरक्षित होता है।

आस-पास मिलने वाला मांस, प्याज़ और टमाटर ज़बरदस्ती ऑनलाइन मँगाने की ज़रूरत नहीं। ऑनलाइन देखने लायक़ वही है जो पास में मुश्किल से मिलता है: चपटी सींख, सुमाक और थर्मामीटर। ख़ासकर चपटी सींख एक बार ले लें तो चेलो कबाब (जापानी में) या शाशलिक जैसे सींख के व्यंजनों में भी काम आती है।

दुकानों में ढूँढनी हो तो मांस के लिए क़साई या हलाल दुकान, मसालों के लिए मध्य-पूर्वी किराना या आयातित सामान की दुकान, और रोटी के लिए तुर्की या मध्य-पूर्वी बेकरी सबसे सीधा रास्ता है। पर सब कुछ एक ही दुकान से जुटाने की कोशिश थका देती है। पहली बार मांस और सब्ज़ियाँ पास से लें और सिर्फ़ चपटी सींख व सुमाक किसी और ज़रिये से पहले मँगा लें, तो निभाना आसान है। जिस दिन लवाश न मिले, उस दिन पतली टॉर्टिया ले लें; वह असफलता नहीं, घरेलू रूप कहलाएगा।

ख़रीदारी का क्रम भी मायने रखता है। मेमने का कीमा पहले ख़रीदकर सींख ढूँढेंगे तो औज़ार न होने से मांस हाथ में रह जाएगा। पहले चपटी सींख, सुमाक और थर्मामीटर जुटाएँ, और बनाने के दिन मांस ख़रीदें। इससे मांस ताज़ा रहता है और बनाने के दिन आकार देने व सेंकने पर ध्यान रहता है। जमा हुआ मेमना लें तो रात को फ़्रिज में रख दें और पूरी तरह पिघलने से पहले, आधा पिघला होने पर काटें।

मांस ख़रीदने का तरीक़ा कितना आसान फ़ैसला
दरदरा मेमने का कीमा ख़रीदना ज़्यादा सीधे इस्तेमाल करें। चर्बी कम हो तो बीफ़ की चर्बी जोड़ें
मेमने के पतले टुकड़े काटना मध्यम आधा जमाकर चाकू से काटें। बहुत बारीक न करें
मेमने के कंधे का टुकड़ा काटना मध्यम नसें निकालकर काटें। चर्बी हो तो बीफ़ की चर्बी घटाएँ
बीफ़-पोर्क का मिला कीमा मिलाना कम आकार बन जाता है पर व्यंजन कुछ और बन जाता है। मेमना आधे से ज़्यादा रखें
मुर्गे से बदलना कम अदाना कबाब से दूर चला जाता है, इसलिए इस व्यंजन में टालें
क्या ख़रीदें प्राथमिकता कारण विकल्प
चपटी धातु की सींख ज़्यादा मिश्रण घूमता नहीं और सेंकने की सतह टिकी रहती है दो मोटी धातु की सींखें बग़ल-बग़ल
सुमाक ज़्यादा प्याज़ में सूखी खटास जोड़कर चर्बी काटता है नींबू का रस और थोड़ा युकारी
बीच का तापमान मापने वाला थर्मामीटर मध्यम कीमे के पकने को सिर्फ़ रंग से न परखने के लिए सबसे मोटा हिस्सा काटकर साफ़ रस देखें

विधि: ठंडा करके गूँधें, चपटी सींख पर चिपकाएँ

मिश्रण के सींख से गिरने के कारण तीन ही होते हैं: मांस का तापमान, नमी या सींख का आकार। मांस गरम हो जाए तो चर्बी रिसने लगती है और शिमला मिर्च व प्याज़ का पानी रह जाए तो चिपचिपाहट कमज़ोर पड़ती है। काम के दौरान कटोरा ठंडा रखें, हाथ पानी से हल्के गीले करते रहें, और चपटी सींख पर पतला कसकर चिपकाते जाएँ।

सींख से गिरे तो स्वाद नहीं, तापमान और नमी देखें

चपटी सींख से बिखरता मिश्रण और अच्छी तरह चिपका मिश्रण, साथ-साथ रखे हुए
सींख से गिरे तो क्रम से जाँचें: मांस का तापमान, नमी, कम गूँधा जाना, सींख की चौड़ाई

अदाना कबाब में सबसे आम चूक है सेंकना शुरू करते ही मिश्रण का सींख से गिरना। मसाला ठीक करने से पहले तापमान और नमी देखिए। मिश्रण हाथ से बुरी तरह चिपके और सींख पर खींचते समय ढीला पड़े तो मांस गरम हो चुका है। पूरा कटोरा 10 मिनट फ़्रिज में लौटा दीजिए।

लाल शिमला मिर्च या प्याज़ में पानी ज़्यादा हो तब भी मिश्रण गिरता है। सब्ज़ियाँ ख़ुशबू के लिए डाली जाती हैं, पानी डालने के लिए नहीं। कटी लाल शिमला मिर्च सीधे मिला दें तो सेंकते समय भाप बनकर मांस और सींख के बीच ख़ाली जगह बना देती है। किचन पेपर से दबाइए, ताकि मिश्रण नम रहे पर तली में पानी जमा न हो।

सेंकने से पहले उलझन हो तो चखने से पहले रूप और हाथ का एहसास जाँचिए। कच्चा मिश्रण चखा नहीं जा सकता, इसलिए नमक बढ़ाने की उलझन से बेहतर है सींख पर चिपकाते समय मांस की कसावट देखना। सतह गुनगुनी और चमकदार हो और दबाने पर चर्बी रिसे तो ठंडा कम पड़ा है। गहरी दरारें हों और किनारे से टुकड़े झड़ें तो गूँधना कम रहा। तली में लाल पानी जमे तो सब्ज़ियों में नमी ज़्यादा है।

सेंकने से पहले की हालत आम चूक मौक़े पर सुधार
सतह गुनगुनी और चमकदार पलटते समय सींख से खिसकना पूरा कटोरा 10 मिनट फ़्रिज में रखें, हाथ ठंडे पानी से ठंडे करके आकार दें
किनारे बुरी तरह फटते हैं सेंकना शुरू करते ही टूटकर गिरना 1 छोटा चम्मच ठंडा पानी डालकर 1 मिनट गूँधें और चिपचिपाहट लौटाएँ
तली में लाल पानी निकलता है रंग नहीं आता, भाप में पकता है पानी फेंकें, सब्ज़ियाँ किचन पेपर से दबाएँ और फिर गूँधें
सींख पकड़ने पर बीच झुक जाता है बीच मोटा रहकर कम पकता है मिश्रण को पतला फैलाएँ, सिरे बंद करें और मोटाई लगभग 2 सेमी पर लौटाएँ

चपटी सींख न हो तो अकेली गोल सींख पर बनाना काफ़ी कठिन है। बदलना ही पड़े तो दो धातु की सींखें बग़ल-बग़ल रखकर मांस उन पर फैला दें। बाँस की सींख पतली होती है और उसमें गर्मी भी कम पहुँचती है, इसलिए अदाना कबाब जैसे भारी मिश्रण के लिए ठीक नहीं। सेंकते समय पहले 2 मिनट न छूना भी ज़रूरी है। तुरंत पलटने का मन करता है, पर सतह जमने से पहले हिलाने पर कसकर चिपका मांस अपने ही वज़न से टूट जाता है।

तीखेपन की भी चूक होती है। अदाना कबाब की छवि तीखी है, पर मिर्च बहुत बढ़ाने से मेमने की चर्बी की मिठास ग़ायब हो जाती है। पहली बार दरदरी मिर्च 1 1/2 छोटा चम्मच में बनाइए, और मेज़ पर तीखी मिर्च या मिर्च का पेस्ट जोड़ना ज़्यादा आसानी से सँभलता है। तीखापन बढ़ाना हो तो भी बारीक मिर्च पाउडर बढ़ाने की जगह ख़ुशबूदार दरदरी मिर्च लें।

खाने का ढंग: सिर्फ़ मांस पर न रुकें, खटास और रोटी से सँभालें

मेज़ पर सिंका अदाना कबाब, सुमाक वाला प्याज़, भुने टमाटर, हरी मिर्च, नींबू और चाय
सिंके मांस के साथ सुमाक वाला प्याज़, भुनी सब्ज़ियाँ और लवाश परोसने से चर्बी और खटास का संतुलन बनता है

थाली सजाते समय मांस को नायक रखते हुए भी सुमाक वाला प्याज़ भरपूर रखिए। लाल प्याज़ की तीखी चुभन, सुमाक की खटास और नींबू की चमक मेमने की चर्बी के भारीपन को सुखद ढंग से काटती है। भुने टमाटर मसलकर लवाश पर लगाइए, और हरी मिर्च तीखी पसंद न हो तो शिशितो रखिए।

पेय में ऐरान बहुत अच्छा बैठता है। सादा दही 100 ग्राम, पानी 120 मिली और चुटकी भर नमक अच्छी तरह मिला दीजिए, बस; मांस की चर्बी बहा ले जाने में मदद मिलती है। शराब वाली मेज़ हो तो तीखापन बहुत न बढ़ाएँ; नींबू और प्याज़ बढ़ाने से खाते-खाते थकान नहीं होती।

साथ में कुछ और जोड़ना हो तो तेज़ खटास वाली कटी सब्ज़ियों की एज़मे, सफ़ेद राजमा की पियाज़ (जापानी में), और सूप के लिए लाल मसूर की मेरजिमेक चोरबासी (जापानी में) आसानी से जुड़ जाते हैं। मांस की थाली तेज़ है, इसलिए चावल की जगह पतली रोटी और खट्टी साइड डिश की ओर झुकना स्थानीय मेज़ के ज़्यादा क़रीब है।

जिस दिन बाहर जैसी प्लेटिंग चाहिए, मांस को थाली के बीच न रखें; पहले लवाश बिछाइए, फिर उस पर मांस रखिए। भुने टमाटर काटने से पहले मसल दीजिए और रस से मिलाते हुए रोटी पर फैला दीजिए। सुमाक वाला प्याज़ मांस के ऊपर थोड़ा और बाक़ी बग़ल में ढेर करके रखें, तो खाने वाला चर्बी के भारीपन के हिसाब से जोड़ सकता है। तीखी हरी मिर्च हो तो शुरू से सबकी प्लेट में न रखें, भुनी शिशितो से अलग परोसें; इससे परिवार की मेज़ पर भी मात्रा सँभालना आसान रहता है।

रात का मेन्यू बनाना हो तो मांस सेंकने से पहले "खटास", "तरल" और "रोटी" तीनों तय कर लें, तो हड़बड़ी नहीं होती। खटास सुमाक वाला प्याज़ या एज़मे, तरल ऐरान या मेरजिमेक चोरबासी (जापानी में), रोटी लवाश या पतली टॉर्टिया। मांस सिंकने के बाद साइड डिश सोचेंगे तो थाली चर्बी से भारी लगने लगती है। ठंडी और खट्टी चीज़ें पहले तैयार रखने से सिंके मांस की सोंधी महक आख़िर तक बनी रहती है।

खाने का मक़सद साथ में क्या रखें कारण
ताज़ा सिंके मांस को नायक रखना सुमाक वाला प्याज़, भुने टमाटर, लवाश रोटी रस सँभालती है और प्याज़ की खटास चर्बी काटती है
सप्ताहांत की बड़ी थाली पियाज़ (जापानी में), ताबूले, नींबू फलियाँ और जड़ी-बूटियाँ खाते जाना आसान बनाती हैं, थाली सिर्फ़ मांस की नहीं दिखती
बच्चों के साथ बाँटना कम तीखा मिश्रण, शिशितो, दही की चटनी तीखापन मेज़ पर जोड़ा जा सकता है, इसलिए वही सींख बाँटना आसान है
अगले दिन दोपहर के लिए रखना कबाब सॉस, गरम रोटी, पत्तेदार सब्ज़ी दोबारा गरम किए मांस की रूखाई सॉस और सब्ज़ी से पूरी हो जाती है

लवाश न मिले तो मोटे नान की जगह पतली टॉर्टिया सँभालना आसान है। नान में मिठास और मोटाई होती है और रस सोखकर वह भारी हो जाता है। पतली टॉर्टिया को तवे पर लगभग 20 सेकंड गरम कीजिए, भुने टमाटर का रस हल्का लगाइए और उस पर मांस रखिए, तो वह लवाश जैसी "समेटने वाली रोटी" का काम करती है। जिस दिन चावल की तरफ़ झुकना हो, चेलो कबाब (जापानी में) की तरह लंबे दाने के चावल को मक्खन के साथ परोसना ज़्यादा स्वाभाविक है।

भंडारण और पहले से तैयारी: मिश्रण सेंकने से पहले, बचा हुआ अलग-अलग ठंडा करें

सिंका कबाब, लवाश और सुमाक वाला प्याज़ भंडारण डिब्बे और जाली में अलग-अलग ठंडा होते हुए
सिंका मांस, लवाश और प्याज़ अलग-अलग ठंडा करें तो अगले दिन भी पनीले नहीं पड़ते

मिश्रण सींख पर चिपकाने से पहले हो तो अगले दिन तक फ़्रिज में रखा जा सकता है। नमक जितना देर काम करता है, चिपचिपाहट उतनी बढ़ती है, पर लाल शिमला मिर्च का पानी भी निकलता है। इसलिए अगले दिन इस्तेमाल करें तो आकार देने से पहले एक बार फिर हल्का गूँधें और तली में पानी हो तो फेंक दें। सींख पर चिपकाकर देर तक रखें तो मांस के वज़न से नीचे का हिस्सा ढीला पड़ जाता है, इसलिए सेंकने से ठीक पहले आकार देना ज़्यादा स्थिर रहता है।

सिंकने के बाद जो बचे, उसमें मांस, लवाश और सुमाक वाला प्याज़ अलग रखें। मांस को जाली पर लगभग 10 मिनट ठंडा करके डिब्बे में रखिए और फ़्रिज में 2 दिन के अंदाज़े से खाइए। दोबारा गरम करने के लिए तवे पर धीमी-मध्यम आँच पर हर तरफ़ 1 मिनट, या टोस्टर में 180 डिग्री सेल्सियस पर 4 से 5 मिनट। केवल माइक्रोवेव में रस निकल जाता है, इसलिए गरम करने के बाद तवे पर सतह को फिर सोंधा कर लें।

जमाना हो तो सिर्फ़ सिंका मांस जमाइए। हर सींख को अलग क्लिंग रैप में लपेटकर फ़्रीज़र बैग में रखिए और लगभग 2 सप्ताह के भीतर इस्तेमाल कीजिए। पिघलाने के लिए आधा दिन फ़्रिज में रखें और धीमी-मध्यम आँच पर तब तक गरम करें जब तक चर्बी चटचटाकर रिसने न लगे। सुमाक वाला प्याज़ जमाने लायक़ नहीं है। अगले दिन खाने जितना फ़्रिज में रखिए और बाक़ी ताज़ा बनाइए; स्वाद ज़्यादा खिला रहता है।

अगले दिन खाते समय पहले दिन जैसी थाली दोहराने की कोशिश न करें तो बेहतर रहता है। दोबारा सेंका मांस सतह पर कस जाता है और ताज़ा सिंके जितनी चर्बी नहीं छोड़ता। उसे लंबे टुकड़ों में तोड़कर गरम रोटी पर रखिए और लहसुन-दही या टमाटर-मिर्च जैसा कबाब सॉस थोड़ा-सा जोड़िए, तो रूखापन कम खटकता है। सुमाक वाला प्याज़ दोबारा बनाने का समय न हो तो पतला कटा प्याज़ 80 ग्राम, नींबू का रस 2 छोटा चम्मच, चुटकी भर नमक और पार्सले 5 ग्राम भी मांस के भारीपन को काफ़ी सँभाल लेते हैं।

टिफ़िन में रखना हो तो सींख पर न रखें; पूरी तरह ठंडा करके 2 सेमी चौड़े टुकड़ों में काटें। सीधे चावल पर रखें तो चर्बी जम जाती है, इसलिए लवाश या टॉर्टिया में लपेटें और नींबू व प्याज़ अलग डिब्बे में रखें। जिस दोपहर के खाने को दोबारा गरम नहीं कर सकते, उसमें कम तीखा मांस, ज़्यादा खट्टा प्याज़ और पत्तेदार सब्ज़ी साथ लपेटना खाने में आसान रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेमना पसंद न हो तो भी बन सकता है?

बीफ़ के कीमे से आकार तो बन जाता है, पर अदाना कबाब वाली मेमने की चर्बी की महक फीकी पड़ जाती है। पहली बार मेमने और बीफ़ का कीमा आधा-आधा लें और थोड़ी बीफ़ की चर्बी जोड़ें; इससे खाने की आसानी और महक के बीच संतुलन बनता है। मेमने की महक पूरी मिटाने की दिशा में जाएँगे तो वह कोफ़्ते या किसी और मांस की सींख के क़रीब पहुँच जाता है।

ओवन के ग्रिल में भी सेंका जा सकता है?

हाँ। नीचे की ट्रे में पानी डालिए, जाली को ख़ूब गरम कीजिए और मध्यम आँच पर हर तरफ़ 5 से 6 मिनट सेंकिए। चर्बी टपकती है, इसलिए लौ तेज़ उठे तो एक बार आँच बंद करके शांत होने दीजिए। आख़िर में बीच का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस ज़रूर देखिए। ग्रिल की ऊँचाई कम पड़े तो सींखों को इस तरह रखिए कि मूठ बाहर निकली रहे।

लाल शिमला मिर्च डालना ज़रूरी है?

न डालें तब भी बन जाता है। पर अदाना कबाब वाली लाल ख़ुशबू और नमी कमज़ोर पड़ेगी। अच्छी तरह निचोड़ी थोड़ी-सी लाल शिमला मिर्च वह मीठी ख़ुशबू जोड़ती है जो अकेली मिर्च नहीं दे पाती। तीखापन बढ़ाना हो तो शिमला मिर्च घटाने के बजाय मेज़ पर दरदरी मिर्च जोड़ना ज़्यादा आसानी से सँभलता है।

सुमाक न हो तो क्या करें?

1 बड़ा चम्मच नींबू का रस और 1/2 छोटा चम्मच युकारी (लाल शिसो मसाला) से मिलती-जुलती दिशा बन जाती है। युकारी में नमक होता है, इसलिए प्याज़ का नमक चुटकी भर कर दें। महक पूरी तरह वैसी नहीं होगी, पर चर्बी काटने वाली खटास का काम हो जाता है।

लवाश न हो तो किससे बदलें?

पतली टॉर्टिया सबसे आसान है। मोटा नान या ब्रेड स्लाइस रस सँभालने से पहले मिठास और मोटाई से हावी हो जाते हैं, इसलिए अदाना कबाब के खाने के ढंग से थोड़ा हट जाते हैं। टॉर्टिया को धीमी आँच के तवे पर हर तरफ़ 20 सेकंड गरम कीजिए, भुने टमाटर का रस हल्का लगाइए और उस पर मांस रखिए, तो वह चर्बी सँभालने का काम कर देती है।

बच्चों को परोसने पर तीखा तो नहीं होगा?

मिश्रण की दरदरी मिर्च घटाकर 1/2 छोटा चम्मच कर दीजिए और हरी मिर्च की जगह शिशितो लीजिए। बड़े मेज़ पर मिर्च या सुमाक जोड़ें तो वही मिश्रण परिवार में बाँटना आसान रहता है। बीच का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस हर बार ज़रूर जाँचें।